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पनामा पेपर्स लीकः एक दूसरे पर हमलावर हुई भाजपा-कांग्रेस

Thu, 07 Apr 2016 10:05 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, नई दिल्ली
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कर चोरी संबंधी पनामा पेपर लीक्स मामले में कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गये हैं। बुधवार को कांग्रेस ने वित्त मंत्री अरुण जेटली के कथित करीबी लोकेश शर्मा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के सांसद पुत्र अभिषेक सिंह पर कर चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया था।
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जवाब में भाजपा ने कांग्रेस को इस मामले में राजनीति करने के बजाय सबूत पेश करने की चुनौती दी। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस का भी केजरीवालकरण हो गया है। यह पार्टी भी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरह आरोप लगा कर भागने में विश्वास करने लगी है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने पनामा पेपर लीक्स में अभिषेक की कथित संलिप्तता पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। रमेश ने वित्त मंत्री की भूमिका पर भी शक जाहिर करते हुए कहा कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान जज से कराई जानी चाहिए।
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भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि अगर आरोपों में सच्चाई है तो कांग्रेस को सबूत के साथ सामने आना चाहिए। 

यह है जेटली के खिलाफ आरोप

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि 14 अक्टूबर  2000 को अरुण जेटली की अध्यक्षता में डीडीसीए (दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसियेशन) ने पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी चेतन शर्मा को तीन साल के अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान स्टेडियम में विज्ञापन का ठेका 21 सेंचुरी को देने के लिए अधिकृत किया था।

जयराम रमेश के अनुसार 21 सेंचुरी मीडिया लि. लोकेश शर्मा की कंपनी है। इसने यह ठेका पाने के बाद ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में कंपनी खोली। पनामा पेपर्स लीक में 21 सेंचुरी का भी नाम है। इसलिए हम केंद्र सरकार की मल्टी एजेंसी की जांच को सिरे से खारिज करते हैं। 
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पनामा पेपर लीक मामले में आप ने मांगी जेटली से सफाई

आम आदमी पार्टी (आप) ने पनामा पेपर लीक मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की भूमिका पर सवाल उठाया है। पार्टी का आरोप है कि इस मामले में जेटली के करीबी लोकेश शर्मा का भी नाम है। केंद्रीय वित्त मंत्री को इस बारे में सफाई देनी चाहिए।

वरिष्ठ आप नेता आशुतोष ने बताया कि बीते दिसंबर महीने में पार्टी ने डीडीसीए घोटाले का खुलासा किया था। उसमें लोकेश शर्मा का भी नाम था। शर्मा पर तीन केस चल रहे हैं। दूसरी तरफ पनामा पेपर लीक मामले में भी लोकेश का नाम आया है। 

आशुतोष ने आरोप लगाया कि डीडीसीए घोटाले में लोकेश शर्मा की कंपनी को फायदा पहुंचाया गया। स्टेडियम में बॉक्स बनाने का उन्हें ठेका दिया गया। सांसद कीर्ति आजाद ने भी अपनी शिकायती चिट्ठी में शर्मा का नाम लिया है।

आशुतोष ने सवाल उठाया कि लोकेश व जेटली ने साथ साथ पढ़ाई की है और वे करीबी दोस्त हैं। ऐसे में जेटली के अधीन काम करने वाली एजेंसियां कैसे लोकेश के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सकेंगी। आशुतोष ने पूछा कि लोकेश के काले धंधे में किस-किस ने अपने पैसे को सफेद किया है जेटली को इस पर सफाई देनी चाहिए।

वीके सिंह पर भी साधा निशाना
आप दिल्ली प्रदेश संयोजक दिलीप पांडेय ने बताया कि पनामा पेपर लीक मामले में लोक सत्ता पार्टी के अनुराग केजरीवाल का भी नाम शामिल है। अनुराग केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के करीबी हैं। ऐसे में संदेह पैदा होता है कि उनके जरिये अनुराग ने विदेश में पैसा लगाया हो। उन्होंने मांग की इस मामले में वीके सिंह को सफाई देनी चाहिए।
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