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अल्पसंख्यकों से बर्ताव वाले बयान पर पाकिस्तानी पीएम को भारत की लताड़

Mon, 24 Dec 2018 12:31 AM IST
तिवारी अभिषेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इमरान खान
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अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान का फायदा उठाने की कोशिश करना पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को उल्टा पड़ गया। इमरान ने जैसे ही नसीर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी, नसीर के साथ-साथ भाजपा और असदुद्दीन ओवैसी ने भी इमरान को लताड़ लगाते हुए कहा, पाकिस्तान पहले अपनी रोटी का जुगाड़ करे।

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नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी का फायदा उठाते हुए इमरान खान ने कहा कि हम मोदी सरकार को दिखाएंगे कि अल्पसंख्यकों के साथ कैसे व्यवहार किया जाता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की सोच सही थी कि भारत में अल्पसंख्यकों को बराबरी का दर्जा नहीं मिलेगा। हालांकि इमरान की यह बात नसीरुद्दीन शाह को नागवार गुजरी। 

दरअसल, नसीरुद्दीन ने कहा था कि मुझे मौजूदा हालातों से डर लगता है कि कहीं मेरे बच्चों को भीड़ ने घेर लिया और उनसे पूछा कि तुम हिंदू हो या मुसलमान, तो क्या होगा। वहीं भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि जो ओसामा को छिपाकर रखता हो और तालिबान का समर्थन करता हो, वो हमें मानवता न सिखाए। कर्ज में डूबा पाकिस्तान पहले अपनी रोटी का जुगाड़ कर ले, फिर हमें नसीहत दे।
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अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने कहा, 'इमरान को अपने मुल्क पर बात करनी चाहिए, बजाय उन मुद्दों पर टिप्पणी करने के जिनका उनसे वास्ता ही नहीं है। हम 70 साल से एक लोकतंत्र हैं और हम जानते हैं कि अपनी देखभाल कैसे करनी है।' 

एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी, 'पाकिस्तान के संविधान के मुताबिक केवल मुस्लिम ही राष्ट्रपति बनने की योग्यता रखता है। भारत ने विभिन्न शोषित समुदायों के राष्ट्रपति देखे हैं। यह सही समय है जब इमरान अल्पसंख्यक अधिकारों और समावेशी राजनीति के बारे में हमसे सीखें।' 

खून की खेती करने वाले न दें नसीहत : नकवी
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री और भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के लिए अत्याचार की भूमि है। आतंकवाद की जमीन पर खून की खेती करने वाले पाकिस्तान का अल्पसंख्यकों पर ज्ञान देना ‘सौ चूहे खा कर बिल्ली हज को चली’ जैसी बात है। नकवी ने कहा कि वजूद में आने के बाद से ही पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के हकों को बेदर्दी से कुचलने का गुनहगार रहा है।

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