यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को शानदार जीत मिली है। देश के सबसे बड़े राज्य की 403 सीट में से 325 सीट बीजेपी गठबंधन के खाते में आई है। किसी भी प्रदेश के चुनाव में 70 फीसदी से ज्यादा सीट पहली बार उसे मिली है।
बताते चलें कि साल 2012 के चुनाव में बीजेपी को 12 सीटों पर 20 हजार से ज्यादा वोटों से जीत मिली थी। वहीं, चुनाव आयोग के मुताबिक, साल 2017 में बीजेपी गठबंधन को 224 सीटों पर 20 हजार से ज्यादा वोटों से जीत मिली है।
आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2017 में 245 सीट पर हार-जीत का अंतर 20 हजार से ज्यादा रहा है। साल 2012 के चुनाव में 111 सीट पर 20 हजार से ज्यादा वोट से हार-जीत का अंतर रहा था।
बीजेपी 384 सीट पर चुनाव लड़ी थी, जिसमें 216 सीट पर उसे 20 हजार से ज्यादा वोट से जीत मिली है। वहीं, उसकी सहयोगी अपना दल को छह सीट और एसबीएसपी को दो सीट पर 20 हजार से ज्यादा वोट से जीत मिली है।
साहिबाबाद सीट पर मिली सबसे बड़ी जीत
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यूपी में छह कैंडिडेट को 1 लाख से ज्यादा वोट से जीत मिली है, जिसमें 5 बीजेपी से जुड़े हैं। वहीं, सबसे बड़ी जीत साहिबाबाद से बीजेपी कैंडिडेट सुनील कुमार को मिली है। उन्होंने 1.5 लाख वोट से अपने विपक्षी को हराया है।
साल 2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के 78 कैंडिडेट को 20 हजार से ज्यादा मार्जिन से जीत मिली थी। लेकिन, इस बार उसे सिर्फ 12 सीट पर यह कामयाबी मिली है। वहीं, बीएसपी को सिर्फ दो सीट पर 20 हजार से ज्यादा वोटों से जीत मिली है। इसके अलावा राजा भैया ने कुंडा सीट 1.03 लाख वोट से, अमनमणि त्रिपाठी 32 हजार वोट से और विनय कुमार को 37 हजार वोट से बाबागंज सीट पर जीत मिली।
बीजेपी की जीत की मार्जिन के बाद इस साल रिकॉर्ड संख्या में कैंडिडेट्स की जमानत जब्त हुई है। इसमें कांग्रेस, एसपी और बीएसपी के कैंडिडेट हैं।