लोकसभा चुनाव खत्म हुए बमुश्किल दो महीने ही हुए है लेकिन भाजपा अभी से अगले चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। पार्टी ने शनिवार से शुरू हो रहे देशव्यापी सदस्यता अभियान में ढाई करोड़ नए सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। पार्टी के फिलहाल 12 करोड़ सदस्य हैं और उसने इसमें कम से कम 20 प्रतिशत बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा है। यानी दुनिया में सबसे अधिक सदस्यों वाला राजनीतिक दल अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने जा रहा है।
महीने भर तक चलने वाले इस अभियान में जमीनी स्तर के कार्यकर्ता से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा तक सभी जुटेंगे। हर व्यक्ति को कम से कम एक सप्ताह सदस्यता अभियान में देना होगा। हर पांच पोलिंग बूथ को मिलाकर एक शक्ति केंद्र बनाया गया है। हर शक्ति केंद्र पर पार्टी का विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री, केंद्रीय पदाधिकारी, प्रदेश, मंडल और जिला स्तर के पदाधिकारियों में से कोई न कोई अवश्य रहेगा। अधिकतर लोग उन्हें आवंटित शक्ति केंद्र पर लगातार सात दिन रहेंगे जबकि केंद्रीय मंत्री और सांसद आदि संसद सत्र में व्यस्तता के चलते केवल सप्ताहांत पर ही रह पाएंगे।
सदस्यता अभियान के प्रमुख बनाए गए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक में पूरे अभियान का खाका रखा। इसके बाद संसद भवन स्थित गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय में उन्होंने शाह, नड्डा, संगठन सचिव रामलाल और महासचिव डॉ. अनिल जैन के साथ बैठक कर सभी वरिष्ठ नेताओं के शक्ति केंद्र जाने के कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया।
कमजोर बूथ पर ज्यादा जोर
इस सदस्यता अभियान की सबसे खास बात सबसे कमजोर पोलिंग बूथ पर सबसे ज्यादा सदस्य बनाना है। लोकसभा चुनाव में मिले मतों की संख्या के अनुसार भाजपा नेताओं ने पोलिंग बूथ को ए, बी और सी श्रेणी में बांटा है। कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा के अनुसार, पार्टी का लक्ष्य सी श्रेणी के बूथ को बी में और बी वाले बूथ को ए श्रेणी में लाना है।
हर सदस्य का होगा वेरिफिकेशन
अभी तक मिस्ड कॉल देने वाले को सदस्य मान लिया जाता था और बाद में सदस्यता फार्म भरवा कर फिजिकल वेरिफिकेशन होता था लेकिन इस बार कार्यकर्ता घर-घर जाकर मिस्ड कॉल देने को कहेंगे। जो कॉल देगा उससे तुरंत ही सदस्यता फार्म भी भरवा लिया जाएगा। दरअसल, पिछले सदस्यता अभियान में वेरिफिकेशन करने गई टीम को कई फोन बंद मिले जिनमें से अधिकतर प्रीपेड थे। कई लोग दूसरे शहर या प्रदेश चले गए थे। इसलिए इस बार हाथ के हाथ सदस्यता फार्म भी भरवाया जाएगा।