भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर ने आरोप लगाया है कि मेयर महेश कुमार खिंची का नाम मतदाता सूची में दो अलग-अलग नाम की महिलाओं के साथ पति के रूप में दर्ज है। ऐसे में यह जांच की जानी चाहिए कि महेश कुमार खिंची की कितनी पत्नियां हैं? प्रवीण शंकर कपूर ने इसके लिए उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग की है।
दिल्ली नगर निगम के मेयर और शहर के प्रथम नागरिक महेश कुमार खिंची की कितनी पत्नियां हैं? भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर ने आरोप लगाया है कि मेयर महेश कुमार खिंची का नाम मतदाता सूची में दो अलग-अलग नाम की महिलाओं के साथ पति के रूप में दर्ज है। ऐसे में यह जांच की जानी चाहिए कि महेश कुमार खिंची की कितनी पत्नियां हैं? प्रवीण शंकर कपूर ने इसके लिए उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग की है। इसके पहले आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह की पत्नी के पास दो-दो मतदाता पहचान पत्र होने का मामला सामने आया था। यह विवाद अभी सुलझा भी नहीं था कि आम आदमी पार्टी के एक और बड़े नेता का नाम भी विवादों में आ गया।
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उपराज्यपाल को लिखे पत्र में क्या आरोप?
भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर ने अपने पत्र में यह आरोप लगाया है कि दिल्ली के प्रथम नागरिक महापौर महेश कुमार खिंची करोल बाग विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में मतदाता के रूप में दर्ज हैं। इसी सूची में उनके साथ दो महिलाओं को उनकी पत्नी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। महापौर के ठीक बाद उनकी पत्नी निधि (सीरियल नंबर 281 पर ईपीआईसी नंबर RJNI365741) के साथ सूचीबद्ध हैं।
लेकिन असली समस्या तब सामने आती है जब इसी सूची में मतदाता नंबर 285 पर एक और महिला ममता (ईपीआईसी नंबर 15915026) का नाम सामने आता है। उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है और इस महिला के नाम के साथ भी पति के रूप में महापौर महेश कुमार खिंची का नाम पंजीकृत है। भाजपा नेता ने कहा है कि इस मामले में क्या गड़बड़ी की गई है, इसकी बारीकी से जांच की जानी चाहिए। कपूर ने इसके लिए उपराज्यपाल वीके सक्सेना से अनुरोध किया है।
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क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, यह पूरा विवाद फर्जी मतदाताओं के मतदाता सूची में पंजीकृत होने को लेकर है। भाजपा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी ने गैर कानूनी तरीके से ऐसे लोगों को मतदाता बना रखा है जो वैध नहीं हैं। भारी संख्या में मतदाता ऐसे हैं जो अपने दिए गए पते पर नहीं रहते हैं। लेकिन वे मतदान की तारीख को अचानक दिल्ली आते हैं और अपना वोट डालकर चले जाते हैं। भाजपा ने एक मुहिम चलाकर ऐसे मतदाताओं की जांच करने की कोशिश की तो पता चला कि एक ही पते पर भारी संख्या में मतदाताओं के नाम दर्ज हैं।
विवादों में संजय सिंह के बाद महेश कुमार खिंची
इसी क्रम में भाजपा ने आरोप लगाया था कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली में रह रहे अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं के वोट बनवाने के लिए परेशान हैं, जबकि आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह ने आरोप लगाया था कि भाजपा पूर्वांचलियों के वोट कटवाने की कोशिश कर रही है। अब इस प्रकरण में संजय सिंह और महेश कुमार खिंची का नाम भी दर्ज हो गया है। बता दें कि एक ही व्यक्ति का दो जगहों पर मतदाता सूची में नाम दर्ज होना एक अपराध है। इसके लिए नियमों के अनुसार एक साल तक की सजा हो सकती है।