बीजद उपाध्यक्ष देवी प्रसाद मिश्र ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने दुर्भाग्य से भाजपा के असली रंग को उजागर कर दिया है। हालांकि, भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में ओडिशा के लिए विशेष राज्य का दर्जा सुनिश्चित करने का वादा किया था।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा भविष्य में किसी भी राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा नहीं देने के एलान के साथ ही सियासत तेज हो गई। ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजद और विपक्षी कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए ओडिशा के लोगों के साथ "विश्वासघात" करने का आरोप लगाया। सत्तारूढ़ पार्टी बीजद ने भाजपा पर चुनाव के दौरान किए गए अपने वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया है।
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वहीं बीजद उपाध्यक्ष देवी प्रसाद मिश्र ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने दुर्भाग्य से भाजपा के असली रंग को उजागर कर दिया है। हालांकि, भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में ओडिशा के लिए विशेष राज्य का दर्जा सुनिश्चित करने का वादा किया था, लेकिन उसके नेता ने उस दिशा में काम नहीं किया। इसने ओडिशा के लोगों के साथ विश्वासघात किया है।
मिश्रा ने कहा कि पार्टी के तौर पर भाजपा झूठ साबित हुई है। वह चुनावी घोषणापत्र में किए गए अपने वादे को पूरी तरह से भूल गई है। ओडिशा के लोग झूठ और विश्वासघात करने वाली पार्टी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। राज्य में आम और विधानसभा चुनाव एक साथ होते हैं। दोनों चुनाव अगले साल होने वाले हैं।
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ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शरत पटनायक ने ओडिशा को विशेष श्रेणी का दर्जा नहीं देने के लिए बीजद और भाजपा दोनों पर आरोप लगाया। यह स्पष्ट है कि दोनों दलों ने राज्य के साथ विश्वासघात किया है। बीजद 2000 से 2004 तक एनडीए सरकार के साथ गठबंधन में थी, लेकिन नवीन पटनायक केंद्र सरकार को राज्य का दर्जा देने के लिए प्रेरित नहीं कर सके। दोनों दल एक ही हैं। क्योंकि उन्होंने विशेष श्रेणी के दर्जे की बात करके चुनाव के दौरान जानबूझकर ओडिशा के लोगों को गुमराह किया।