काला हिरण शिकार मामले में शनिवार को अभिनेता सलमान खान को सेशंस कोर्ट ने 50 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दे दी थी। जिसकी वजह से बिश्नोई समुदाय नाराज है। विश्नोई समाज के वकील महिपाल सिंह ने कहा कि वे फैसले के खिलाफ राजस्थान हाई कोर्ट में अपील करेंगे। उन्होंने इस निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
विश्नोई समाज का कहना है कि वह अक्टूबर 1998 में मारे गए दो काले हिरणों को न्याय दिलाने के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ रहा है। समाज ने कसम खाई है कि वह सलमान सहित मामले के पांचों आरोपियों (तबू, सोनाली बेंद्रे, सैफ अली खान और नीलम कोठारी) को न्याय के दायरे में लाकर रहेंगे।
बिश्नोई टाइगर फोर्स के राम निवास ढोरी ने कहा- यह हमारे लिए काफी दुखद दिन है क्योंकि कोर्ट ने काले हिरण को मारने के आरोप में पांच साल की सजा सुनाए जाने के दो दिन बाद ही सलमान को जमानत दे दी। बिश्नोई वन्यजीव एवं पर्यावरण संस्थान के रण निवास बुद्धनगर ने कहा कि उनका संगठन दूसरे लोगों के साथ मिलकर जमानत अर्जी को पढ़ेगा, कानूनी विशेषज्ञों की राय लेगा और फिर फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देगा। उन्होंने कहा- हम ना केवल सलमान को सेशंस कोर्ट से मिली जमानत अर्जी को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे बल्कि इस मामले से बरी हुए चारों आरोपियों के खिलाफ भी अपील करेगें।
शनिवार को सलमान खान के वकीलों ने कोर्ट में कहा है कि जब इस मामले का ट्रायल चल रहा था तब भी सलमान जमानत पर थे, बाकी मामलों में भी उन्हें जमानत मिलती रही है तो उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। उन्होंने यह दलील भी दी कि सलमान खान कोर्ट की हर शर्त को मानते हैं और इसलिए उन्हें जमानत मिलनी चाहिए। हालांकि सरकारी वकील ने सलमान की जमानत का विरोध किया था। सरकारी वकील ने कहा था कि हिरण को गोली लगी थी और इसका मेडिकल प्रमाण और गवाह दोनों मौजूद हैं।
जमानत पर बिशनोई समुदाय के वकील महीपाल बिशनोई ने कहा था कि 'सलमान को 25 हजार रुपए के दो बॉन्ड भरने होंगे। अब वह कोर्ट की अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जा सकेंगे। सलमान को 7 मई को फिर से कोर्ट में पेश होना होगा।