एन बीरेन सिंह ने मणिपुर की कमान संभाल ली है। उन्होंने राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला की मौजूदगी में शपथ ग्रहण की। बता दें कि मणिपुर की राजनीति में ऐसा पहली बार हुआ है जब भाजपा की सरकार वहां बनी हो। इससे पहले मंगलवार को भाजपा के सरकार बनने का रास्ता मंगलवार को साफ हो गया था। जिसके बाद राज्यपाल हेपतुल्ला ने बीरेन सिंह को सरकार बनाने का न्योता भेजा। भाजपा ने सोमवार को ही 32 विधायकों का समर्थन पाने का दावा पेश कर दिया था।
मंगलवार की सुबह एनडीए की सहयोगी एनपीएफ के चार विधायकों ने राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें भाजपा को समर्थन देने संबंधित पत्र सौंपा था। राजभवन सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल खुद इन विधायकों से मिलकर इस बात की पुष्टि करना चाहती थीं कि वे किस राजनीतिक पार्टी को समर्थन दे रहे हैं। इसके बाद ही राज्यपाल ने बीरेन सिंह को सरकार बनाने का न्योता भेजा।
भाजपा विधायक दल के नेता और भावी मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कहा है कि राज्य में महीनों से जारी नाकेबंदी खत्म करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। इससे पहले सोमवार रात को इबोबी सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने उनसे उनसे ऐसा करने को कहा था कि ताकि नई सरकार के गठन की कवायद शुरू की जा सके।
बीरेन सिंह ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य के लोग सुशासन चाहते हैं। हमारी सरकार की प्राथमिकता आर्थिक नाकेबंदी को खत्म कर कानून व व्यवस्था की स्थिति को सुधारना है। उन्होंने सुशासन के वादे के साथ राज्य के विकास के प्रति भाजपा का कृतसंकल्प दोहराया है। इस बीच, भाजपा सूत्रों ने बताया कि बीरेन सिंह ने शपथ ग्रहण के लिए बुधवार का दिन चुना है जिसे वह अपने लिए लकी मानते हैं।