इसी वजह से इसमें मृत्यु दर बहुत अधिक है। प्रतिष्ठित विज्ञान पत्रिका नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित एक महत्वपूर्ण शोध के मुताबिक वैज्ञानिकों की नई तकनीक बर्ड फ्लू के सबसे जानलेवा स्ट्रेन को भी शरीर के भीतर फ्रीज करने की क्षमता रखती है।
शरीर में प्रवेश का रास्ता ही होगा बंद: अब तक बाजार में उपलब्ध फ्लू की दवाएं वायरस के केवल एक हिस्से 'न्यूरामिनिडेस' को दबाती हैं, जिससे कई बार वायरस अपना रूप बदलकर दवा के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेता है। लेकिन यह नई तकनीक वायरस के शरीर में घुसने के रास्ते को तो बंद करती ही है, साथ ही अगर कोई वायरस पहले से अंदर मौजूद है, तो उसे बाहर निकलने और फैलने से भी रोक देती है। नई तकनीक वायरस कणों को आपस में ऐसे जोड़ देती है कि वे एक जगह जाम हो जाते हैं।
भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है यह खोज: भारत में हर साल सर्दियों के मौसम में प्रवासी पक्षियों के आने के साथ ही केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों में बर्ड फ्लू फैलता है। इससे लाखों मुर्गियों और बतखों को मारना पड़ता है। यह तकनीक पोल्ट्री और जानवरों पर भी इस्तेमाल की जाती है, तो संक्रमण को एक झटके में रोका जा सकेगा। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि बर्ड फ्लू के खिलाफ यह अब तक की सबसे व्यावहारिक और आधुनिक खोज है।
तीन वैज्ञानिक व दुनिया के शीर्ष संस्थान शामिल: इस अभूतपूर्व रिसर्च और तकनीक को खोजने का मुख्य श्रेय वैज्ञानिकों की एक संयुक्त टीम को जाता है, जिसका नेतृत्व शून फेंग, लुनझी युआन और सॉन्ग ली ने किया है। साथ ही इसमें अकेडमी ऑफ मिलिट्री मेडिकल साइंसेज, बीजिंग, त्सिंगहुआ यूनिवर्सिटी, श्यामेन यूनिवर्सिटी, हांगकांग यूनिवर्सिटी जैसे शीर्ष संस्थान शामिल रहे हैं।