कोरोना महामारी के बीच बर्ड फ्लू का संक्रमण कोरोना से कहीं ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है क्योंकि बर्ड फ्लू के कुछ स्ट्रेन (H1N1 और H7N9) इंसानों के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। इससे संक्रमित लोगों में लगभग 40 फीसदी तक की मौत हो सकती है। इससे बचने का सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि इस दौरान अंडा, चिकन, अधपका मांस खाने से पूरी तरह परहेज रखना चाहिए। 160 डिग्री फॉरेनहाइट तापमान पर पका भोजन सुरक्षित होता है। अगर आसपास में किसी पक्षी की असामान्य मौत होती है तो उसे सीधे छूने से बचना चाहिए।
बर्ड फ्लू कितना खतरनाक हो सकता है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2003 से 2019 के बीच लगभग 1500 लोगों में बर्ड फ्लू होने की पुष्टि हुई थी। इनमें लगभग 600 यानी कुल 40 फीसदी लोगों की जान पूरे इलाज के बाद भी नहीं बचाई जा सकी। हालांकि, इसके दो ही स्ट्रेन इंसानों के लिए सबसे ज्यादा घातक बताए जाते हैं। बाकी के स्ट्रेन पक्षियों और कुछ स्तनधारी पशुओं को भी पीड़ित कर सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों की राय इस मुद्दे पर बंटी हुई है।
एनिमल बायोटेक्नॉलॉजी विभाग, राजूवस में कार्यरत डॉक्टर नरसीराम गुर्जर ने बताया कि बर्ड फ्लू केवल मुर्गियों से ही नहीं फैलता। यह बतख, मोर, हंस या अन्य पक्षियों से भी उसी तरह फैल सकता है। लेकिन मुर्गी पालन केंद्रों में इसके फैलने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
यह सीधे तौर पर मनुष्यों को प्रभावित नहीं करता है, लेकिन संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने के बाद यह मनुष्यों को भी संक्रमित कर सकता है और एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे स्वस्थ में भी बर्ड फ्लू का संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। इसलिए स्वयं को संक्रमित होने से बचाने के साथ-साथ दूसरों को भी बचाने की आवश्यकता है।
बर्ड फ्लू के फैलने की सबसे ज्यादा संभावना संक्रमित पक्षी के शरीर से जुड़े तरल पदार्थों का दूसरे स्वस्थ पक्षी या व्यक्ति तक पहुंचने से होता है। वायु से इसके फैलने की संभावना बहुत कम होती है, लेकिन फिर भी संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए मास्क पहनना इसके प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है।
एग्जामिनिंग बॉडी फॉर पैरामेडिकल ट्रेनिंग फॉर भारतीय चिकित्सा, दिल्ली के चेयरमैन डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने अमर उजाला को बताया कि इस तरह के किसी भी संक्रमण के फैलने में शरीर का कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। इसलिए बर्ड फ्लू का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए अपनी इम्यूनिटी मजबूत बनाने पर ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए सुबह-शाम एक-एक बार काढ़े का सेवन हमेशा करते रहना चाहिए। रोज कम से कम आधे घंटे का योगा अवश्य करना चाहिए, जो शरीर के स्टेमिना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।