500 और 2000 के नए नोटों पर ये अंक देवनागरी में छापे जाने की वैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के जरिए चुनौती दी गई है। याचिका शुक्रवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बिनोय विस्वम ने दायर की है। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 343(1) का उल्लंघन बताया है। यह अनुच्छेद भारतीय गणराज्य की आधिकारिक भाषाओं का निर्धारण करता है।
सुप्रीम कोर्ट 25 नवंबर को नोटबंदी के खिलाफ दायर अन्य याचिकाओं के साथ इस पर भी सुनवाई कर सकता है। विस्वम की याचिका में कहा गया है कि बैंक नोट देश की अर्थवस्था के प्रतीक हैं। संविधान सभा में लंबी बहस के बाद यह तय हुआ था कि इन पर अंक अंतर्राष्ट्रीय में ही मुद्रित किए जाएंगे।
उन्होंने इसे संविधान और इसकी भावना का उल्लंघन बताया है। विस्वम कहा है कि इसके अलावा भी इस नोट में कई कमियां हैं। पानी लगने पर इससे रंग छूटता है। यह कई अन्य देशों के नोट से मिलता-जुलता भी है।