पूर्व प्रधानमंत्रियाें के परिवार काे अब स्पेशल प्राेटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी की सुरक्षा नहीं मिलेगी। इसके लिए एसपीजी कानून में संशाेधन काे केंद्रीय मंत्रिमंडल बुधवार काे ही मंजूरी दे चुका है। संशाेधन बिल अगले हफ्ते लाेकसभा में पेश हाेगा। संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार काे लाेकसभा में बताया कि स्पेशल प्राेटेक्शन ग्रुप (संशाेधन) बिल अगले हफ्ते के सरकारी कामकाज में शामिल है।
अभी तक एक्ट के मुताबिक एसपीजी कमांडाे प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा में तैनात हाेते हैं। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री और उनका परिवार पद छाेड़ने के बाद एक साल तक एसपीजी सुरक्षा का हकदार हाेता है। इसके बाद सुरक्षा खतरे की समीक्षा के आधार पर सुरक्षा आगे बढ़ाई जा सकती है। प्रस्तावित संशाेधन लागू हाेने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री का परिवार एसपीजी सुरक्षा का हकदार नहीं हाेगा।
सरकार ने इसी महीने कांग्रेस अध्यक्ष साेनिया गांधी, उनके बेटे राहुल और बेटी प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा हटाकर उन्हें जेड+ सुरक्षा मुहैया करवाई थी। 1991 में एसपीजी एक्ट में संशाेधन कर पूर्व प्रधानमंत्रियाें का परिवार भी एसपीजी सुरक्षा के दायरे में लाया गया था। करीब 28 साल से गांधी परिवार एसपीजी की सुरक्षा के घेरे में था।
4000 कमांडाे वाले एसपीजी के पास अब सिर्फ पीएम माेदी की सुरक्षा का जिम्मा: एसपीजी में करीब चार हजार कमांडाे हैं। इसके पास फिलहाल सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी की सुरक्षा का जिम्मा है। एसपीजी सुरक्षा प्राप्त वीवीआईपी लाेगाें काे अंगरक्षकाें के साथ ही काफिले में हाईटेक वाहन, जैमर और एंबुलेंस की सुविधा दी जाती है।