इधर पूरा प्रशासनिक तंत्र नालंदा में राष्ट्रपति के दौरे की व्यवस्था में लगा था, उधर जिले के बिहारशरीफ से बुरी खबर सामने आ गई। बिहार शरीफ स्थित मघड़ा स्थित माता शीतला माता के मंदिर में मंगलवार को भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। अचानक मची इस भगदड़ में आठ महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। एक पुरुष श्रद्धालु ने पटना में दम तोड़ दिया। वहीं करीब छह से लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए मॉडल अस्पताल, बिहार शरीफ में भर्ती कराया गया है। कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। मरने वालों की पहचान मालो देवी, क्रिंता देवी, रीता देवी, कांति देवी, देवंती देवी, रेखा देवी, आशा देवी और गुड़िया देवी के रूप में हुई। एक महिला और पुरुष श्रद्धालु की पहचान नहीं हो पाई। मरने वाले में अधिकतर नालंदा के ही निवासी थे।
चैत्र के अंतिम मंगलवार के कारण उमड़ी भीड़
जानकारी के अनुसार, चैत माह का अंतिम मंगलवार होने के कारण मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर अचानक अफवाह फैली और देखते ही देखते भगदड़ की स्थिति बन गई। भीड़ के दबाव में कई लोग गिर पड़े। भागदौड़ में लोग एक-दूसरे पर चढ़ते चले गए। कुछ देर बाद जब भीड़ नियंत्रित हुई तो कुचल कर मरने वालों के शव निकलने शुरू हुए। नौ शवों को घटनास्थल से पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
चीख-पुकार के बीच परिजनों को खोज रहे लोग
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए। नालंदा पुलिस टीम की मामले की जांच में जुट गई है। मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। आज ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का नालंदा दौरा होने के कारण प्रशासनिक तंत्र वहां की व्यवस्था में था और इधर यह बड़ी घटना सामने आ गई। घटना के बाद एक घंटे तक लोग अपने परिजनों का पता करने में लगे रहे। ज्यादातर लोग परिवार के साथ आए थे, जिसके कारण बच्चों की संख्या भी ज्यादा थी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया क्या कैसे हुआ था?
भगदड़ में घायल हुई रीता देवी ने रोते हुए कहा कि हमलोग चारों सहेली मंदिर आए थे। अचानक भगदड़ मच गया। मेरी एक सहेली जमीन पर गिर गई। जब तक हमलोग कुछ समझ पाते तब तक लोग उसके ऊपर चढ़कर इधर उधर भागने लगे। दबने से उसकी मौत हो गई। हमलोगों का सबकुछ खत्म हो गया। वहीं सोनम कुमारी ने कहा कि मैं अपनी मां के साथ मंदिर दर्शन करने आई थी। भीड़ काफी थी। हमलोग काफी देर से कतार में लगे थे। मां आगे चली गई। मैं उन्हें मना कर रही थी कि 'आगे मत जाओ मम्मी'। लेकिन, मां ने मेरी नहीं सुनी। इसी बीच भगदड़ मचने के कारण मां की जान चली गई। महिलाओं ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। प्रत्यक्षदर्शी रीना राय ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। इतनी भीड़ होने के बावजूद कोई देखने वाला नहीं था। पुलिस बल नहीं थे। पहले दर्शन करने के चक्कर में लोगों आगे बढ़ने लगे। प्रशासन लोगों की भीड़ को कंट्रोल नहीं कर पाई। इसलिए यह हादसा हुआ।
मुख्यमंत्री ने छह लाख रुपये देने का किया एलान
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा जिले के बिहार शरीफ स्थित शीतला देवी मंदिर में हुये भगदड़ में श्रद्धालुओं की मौत पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना काफी दुखद है और मैं इससे मर्माहत हूं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को आपदा प्रबंधन विभाग से चार-चार लाख रूपये एवं मुख्यमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये (कुल छह लाख रूपये) अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गये हैं तथा राहत एंव बचाव कार्य में जुटे हुये है। मुख्यमंत्री ने हादसे में घायल हुये लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है और उनकी समुचित इलाज कराने का निर्देश दिया है।
नालंदा प्रशासन ने क्या कहा जानिए?
नालंदा जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि घटना राहत एवं बचाव कार्य जारी है।। घायलों को तत्काल बेहतर इलाज हेतु नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका समुचित उपचार किया जा रहा है। घटनास्थल पर आयुक्त पटना प्रमंडल क्षेत्र पटना, पुलिस महानिरीक्षक केंद्रीय क्षेत्र पटना द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण किया गया है तथा घटना स्थल पर जिला पदाधिकारी नालंदा पुलिस अधीक्षक नालंदा एवं उप विकास आयुक्त, नालंदा स्वयं उपस्थित रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। स्थिति वर्तमान में नियंत्रण में है।