बिहार चुनाव नतीजों के बाद केरल कांग्रेस ने बड़ा आरोप लगाया है कि एनडीए की 202 में से 128 सीटों पर जीत विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में किए गए कथित वोटर डिलीशन का परिणाम है। पार्टी का दावा है कि हजारों वास्तविक वोटरों के नाम मनमाने ढंग से हटाए गए, जबकि अवैध प्रवासियों का एक भी मामला नहीं मिला।
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद देशभर की सियासत में नया तूफान उठ गया है। ऐसे में केरल कांग्रेस ने दावा किया है कि एनडीए की 202 सीटों में से 128 सीटों पर जीत विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कथित मतदाताओं के नाम कटवाने का नतीजा है। पार्टी का कहना है कि हजारों असली वोटरों के नाम मनमाने ढंग से हटाए गए और यही 'धांधली' एनडीए की भारी जीत की असली वजह बनी।
केरल कांग्रेस का आरोप
केरल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एसआईआर का उद्देश्य अवैध प्रवासियों की पहचान बताई गई थी। लेकिन जारी डाटा में एक भी अवैध प्रवासी नहीं मिला, न बांग्लादेश से, न म्यांमार से, न नेपाल से। पार्टी के अनुसार, असल में गरीब और कमजोर वर्ग के वोटरों को हटाकर चुनाव को मैनेज किया गया। पार्टी ने पीएम मोदी के 'लोकतंत्र की जननी' वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि अगर यह ‘गेम प्लान’ नहीं समझा गया, तो भाजपा एक-एक कर सभी नागरिकों को वोटर लिस्ट से हटाकर उनकी जगह फर्जी नाम जोड़ देगी।