85 साल बाद कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक पटना में हो रही है। राहुल गांधी के सुझाव पर आयोजित इस बैठक से पार्टी को बिहार विधानसभा चुनाव में नई रणनीति और ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बड़ी घोषणा कर सकते हैं। कांग्रेस 70 सीटों की मांग पर अड़ी है और तीन दर्जन से ज्यादा सीटें जीतने का दावा कर रही है। महागठबंधन में तालमेल और पार्टी एकता पर भी जोर दिया जाएगा।
85 साल बाद बिहार में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हो रही है। इस बैठक को पटना में कराने का आइडिया राहुल गांधी का है। वहीं, ये भी माना जा रहा है कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कार्यसमिति में कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। कांग्रेस के रणनीतिकारों को उम्मीद है कि इस बैठक का फायदा प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिलेगा।
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कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि पिछली बार कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। उस दौरान हमारा स्ट्राइक रेट 27 प्रतिशत के करीब रहा और 19 सीटें जीतने में सफल हुए थे। इस बार भी कांग्रेस 70 सीटों की मांग कर रही है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि इस बार उनका स्ट्राइक रेट अच्छा रहेगा और हमें तीन दर्जन से अधिक सीटें जीतने के उम्मीद है।
कांग्रेस के नेताओं का लग रहा है जमघट
कहा जा रहा है कि कांग्रेस इस बार बिहार में महागठबंधन के साथ तालमेल पर विशेष ध्यान देगी। सदाकत आश्रम (कांग्रेस पार्टी का प्रदेश मुख्यालय) के सूत्र बताते हैं कि राहुल गांधी के प्रयास से पार्टी के भीतर की खेमेबाजी पर काफी लगाम लगी है।
24 सितंबर को कांग्रेस कार्यसमिति की बेठक में भाग लेने के लिए कांग्रेस के नेता पटना पहुंचने लगे हैं। इस बैठक में केन्द्र सरकार और राज्यों की सरकार तथा बिहार राज्य से जुड़े मुद्दे पर विशेष तौर से विमर्श होगा।