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CJI: मुख्य न्यायाधीश गवई बोले- बुलडोजर कार्रवाई पर दिए फैसले से मिली थी 'बेहद संतुष्टि'

Tue, 23 Sep 2025 07:14 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीजेआई जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई पर उनके फैसले से उन्हें बेहद संतुष्टि मिली। क्योंकि यह मानवीय समस्याओं से निपटता है।
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जस्टिस बीआर गवई - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने हाल ही में एक कार्यक्रम में बताया कि है उन्हें बुलडोजर कार्रवाई पर दिए गए अपने फैसले से "बेहद संतुष्टि" मिली थी, क्योंकि यह सीधे-सीधे "मानवीय समस्याओं" से जुड़ा हुआ था। बता दें कि 13 नवंबर, 2024 को जस्टिस गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने बुलडोजर न्याय की तुलना एक ऐसी अराजक स्थिति से की जहां ताकत ही सही है और अखिल भारतीय स्तर पर दिशा-निर्देश निर्धारित किए। सुप्रीम कोर्ट की इस पीठ में न्यायमूर्ति गवई और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन शामिल थे। 

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19 सितंबर को सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं के एक शैक्षणिक समूह द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में बोलते हुए मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने कहा कि उन्हें लगभग छह महीने तक जस्टिस विश्वनाथन के साथ पीठ साझा करने का अवसर मिला। इस दौरान खंडपीठ ने अभियुक्तों/दोषियों की संपत्तियों को मनमाने ढंग से ध्वस्त करने की कार्यपालिका की प्रवृत्ति के खिलाफ कई निर्देश पारित किए।

'इस फैसले के लिए श्रेय न्यायमूर्ति विश्वनाथन को भी दिया जाना चाहिए'
गवई ने कहा कि मुझे लगता है कि मुझे लगता है कि बुलडोजर वाला फैसला, हम दोनों के लिए बेहद संतोषजनक था। इस फैसले के मूल में मानवीय समस्याएं और इंसानों द्वारा सामना की जाने वाली समस्याएं थीं। जिस परिवार को सिर्फ इसलिए परेशान किया जा रहा था क्योंकि वे ऐसे किसी सदस्य जो अपराधी था, उसके परिवार का हिस्सा थे। सीजेआई ने कहा कि हालांकि इसका अधिकतर श्रेय उन्हें ही दिया जाता है लेकिन फैसला लिखने वाले जस्टिस विश्वनाथन को भी बराबर श्रेय दिया जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि मुख्य न्यायाधीश के कार्यकाल का न्याय प्रशासन की दक्षता से कोई सीधा संबंध है। हमारे पास ढाई महीने तक न्यायमूर्ति ललित और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना जैसे सर्वश्रेष्ठ मुख्य न्यायाधीश रहे हैं। जिन्होंने अपनी छाप छोड़ी है और वे न्याय के वितरण और प्रशासन में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं। गवई ने कहा कि उन्होंने न्याय की बेहतरी और पूरे देश में न्यायपालिका के बुनियादी ढांचे में सुधार लाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया।

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सीजेआई के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रहे युवा वकीलों को अच्छा प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा, हम सभी आश्वस्त हैं कि सुप्रीम कोर्ट में उन्हें जो समृद्ध अनुभव प्राप्त होता है, वह वास्तव में हाईकोर्ट स्तर पर दक्षता लाने या उसे बढ़ाने में मदद करता है।


 

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