बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को बिहार की जनता को संबोधित करते हुए एक चिट्ठी लिखी है। इसमें प्रधानमंत्री ने एनडीए पर भरोसा बनाए रखने और राज्य के विकास के लिए नीतीश सरकार को चुनने की अपील की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के लोगों को संबोधित करते हुए जो पत्र लिखा है, उसका मजमून कुछ इस प्रकार है...
मेरे प्रिय बिहार के भाइयो और बहनो,
सादर प्रणाम!
आज इस पत्र के माध्यम से आपसे बिहार के विकास, विकास के लिए एनडीए पर विश्वास और विश्वास बनाए रखने के लिए एनडीए के संकल्प के बारे में बात करना चाहता हूं। युवा हों या बुजुर्ग, गरीब हों या किसान, हर वर्ग के लोग जिस प्रकार आशीर्वाद देने के लिए सामने आ रहे हैं, वह एक आधुनिक और नए बिहार की तस्वीर दिखाता है।
बिहार में लोकतंत्र के महापर्व के दौरान मतदाताओं के जोश ने हम सबको और अधिक उत्साह के साथ कार्य करने को प्रेरित किया है। बिहार में लोकतंत्र की पहली कोपल फूटी, ज्ञान-विज्ञान, शास्त्र अर्थशास्त्र, हर प्रकार से बिहार संपन्न रहा है। 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के मंत्र पर चलते हुए एनडीए सरकार बिहार के गौरवशाली अतीत को फिर स्थापित करने के लिए कटिबद्ध है, प्रतिबद्ध है।
साथियो
यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि बिहार चुनाव का पूरा फोकस विकास पर केंद्रित रहा। एनडीए सरकार ने पिछले वर्षों में जो कार्य किए, उसका हमने न केवल रिपोर्ट कार्ड पेश किया, बल्कि जनता-जनार्दन के सामने आगे का विजन भी रखा। लोगों को भरोसा है कि बिहार का विकास एनडीए सरकार ही कर सकती है।
अव्यवस्था और अराजकता के वातावरण में नव-निर्माण असंभव होता है। वर्ष 2005 के बाद से बिहार में माहौल भी बदला और नव-निर्माण की प्रक्रिया भी आरंभ हुई। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून का राज, ये दोनों सामाजिक और आर्थिक संपन्नता के लिए अनिवार्य हैं। बिहार को ये दोनों एनडीए ही दे सकता है।
एनडीए के लिए मानव जीवन की गरिमा सर्वोपरि है। हम हर नागरिक को देश की उन्नति और प्रगति में भागीदार मानते हैं। पहले देश के विकास में बनावटी बाधाएं खड़ी करके रखी गई थी, जिससे युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए अवसर कम होते गए। लेकिन एनडीए के निरंतर प्रयासों से अब यह स्थिति बदल रही है। एनडीए ने बिहार में बिजली, पानी, सड़क, इलाज, शिक्षा, कानून व्यवस्था समेत हर क्षेत्र में बहुत काम किया। मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के बाद अब यह दशक बिहार की आकांक्षाओं की पूर्ति का है। एनडीए का प्रत्येक साथी, इन आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम करने के लिए तत्पर है। बिहार को अभाव से आकांक्षा की ओर ले जाना एनडीए सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है। हर गरीब को पक्का घर देना हो, घर-घर शौचालय बनाना हो, घरों में नल से जल देना हो, बिजली पहुंचानी हो, गैस कनेक्शन देना हो, हर गरीब को बैंक से जोड़ना हो, यह सब बिहारवासियों के वोट की ताकत से ही संभव हो पाया है।
बिहार की बहन-बेटियों की अपेक्षाएं और आकांक्षाएं भी अब निरंतर बढ़ रही हैं। उनको शौचालय की सुविधा मिली, तो उनमें सुरक्षा का एहसास आया। उनके नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना का घर मिला, तो चिंता कम हुई। जनधन खाता खुला, मुद्रा योजना से बैंक लोन मिला, तो नया आत्मविश्वास जागा। समाज में आत्मविश्वास तब और बढ़ता है, जब जन्म से लेकर बुढ़ापे तक संपूर्ण सुरक्षा कवच मिले। बीते वर्षों में एनडीए ने गर्भावस्था से लेकर बुढ़ापे में पेंशन और बीमा तक की सुरक्षा दी है। आज बिहार का गरीब से गरीब परिवार भी गंभीर बीमारी का इलाज देश में कहीं भी मुफ्त में करा पा रहा है।
जलशक्ति को लेकर केंद्र सरकार के प्रयास भी आज बिहार में लोगों को एनडीए की तरफ आकर्षित कर रहे हैं। एनडीए 'हर घर जल' के सपने को पूरा करने के लिए कृतसंकल्प है। इससे करोड़ों लोगों विशेषकर महिलाओं के जीवन स्तर में बहुत बड़ा सुधार आएगा।
साथियो,
कनेक्टिविटी से जुड़े प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाना एनडीए की पहली प्राथमिकता है। अच्छे हवाई अड्डे और बेहतर रोड के लिए बिहार में लगातार काम हो रहा है। कनेक्टिविटी जितनी ज्यादा बढ़ेगी, उतना ही गरीब, किसान, नौजवान और मध्यम वर्ग की 'Ease of Living' में भी सुधार आएगा। बिहार को आधुनिक बनाने में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा योगदान होगा। आज बिहार प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना का बड़ा हिस्सेदार है, बिहार गैस बेस्ड इकोनॉमी का अहम अंग भी बन रहा है। आज बिहार में सीएनजी आधारित ट्रैफिक व्यवस्था का नेटवर्क भी तैयार हो रहा है। गंगा जी पर बन रहे पहले इनलैंड वॉटरवे से भी बिहार को बहुत लाभ होगा। आज बिहार में दुकान या फैक्ट्री चलाने वाले, इंजीनियर-डॉक्टर से लेकर रेहड़ी-पटरीवाले तक, हर कोई भयमुक्त होकर अपना काम कर रहा है। आज जब यहां के लोग आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प को पूरा करने में जुटे हैं, तो उसके पीछे एनडीए सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं की ठोस बुनियाद है। मातृभाषा में शिक्षा के निर्णय का बिहार ने हृदय से स्वागत किया है। इससे प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुलेंगे।
बिहारवासी 'स्वामित्व योजना' का भी बहुत उम्मीद के साथ इंतजार कर रहे हैं। इन मजबूत कदमों से आम लोगों का सशक्तिकरण होगा और उन्हें गरिमापूर्ण जीवन मिलेगा। साथियो, बिहार में वोट पड़ रहा है- जात-पात पर नहीं, विकास पर झूठे वादों पर नहीं, पक्के इरादों पर कुशासन पर नहीं, सुशासन पर भ्रष्टाचार पर नहीं, ईमानदारी पर अवसरवादिता पर नहीं, आत्मनिर्भरता के विजन पर मैं बिहार के विकास को लेकर बहुत आश्वस्त हूं। बिहार के विकास में कोई कमी न आए, विकास की योजनाएं अटकें नहीं, भटकें नहीं, इसलिए मुझे बिहार में नीतीश सरकार की जरूरत है। मुझे विश्वास है, डबल इंजन की ताकत, इस दशक में बिहार को विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाएगी। जय बिहार, जय भारत!