बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात पालीगंज सीट की करेंगे। इस सीट पर मौजूदा समय में भाकपा (माले) संदीप सौरभ विधायक हैं।
बिहार में विधानसभा चुनाव में नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। सियासी दलों का प्रचार भी पूरे जोर पर है। हर दल ने वादों का पिटारा भी खोल दिया है। नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी लगा रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 121 सीटों के लिए 1314 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इस चरण में 6 नवंबर को मतदान होना है। वहीं, दूसरे चरण की 122 सीटों के लिए 1302 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को मतदान होना है। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज पालीगंज विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट से एलजेपीआर से सुनिल कुमार को टिकट मिला है। वहीं भाकपा (माले) से संदीप सौरभ मैदान में हैं।
कब है बिहार में चुनाव
बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए दो चरण में 6 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान होगा। 14 नवंबर को नतीजे आएंगे। पहले चरण में 6 नवंबर को121 सीटों पर वोटिंग होगी। वहीं, दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर वोटिंग होगी। इस बार राज्य में कुल 7.43 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें लगभग 14 लाख नए मतदाता शामिल हैं, जो पहली बार वोट डालेंगे।
अब जानें पालीगंज सीट के बारे में
बिहार के 38 जिलों में से एक जिला पटना भी है। पटना जिला छह अनुमंडल और 23 ब्लॉक में बंटा है। जिले में 14 विधानसभा सीटें हैं। इनमें मोकामा, बाढ़, बख्तियारपुर, दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, पटना साहिब, फतुहा, दानापुर, मनेर, फुलवारी (एससी), मसौढ़ी (एससी), पालीगंज, बिक्रम शामिल हैं। ‘सीट का समीकरण’ सीरीज में आज पालीगंज विधानसभा सीट की बात करेंगे। पालीगंज सीट पर पहली बार चुनाव 1952 में चुनाव हुआ था।
कब कौन-कौन जीता चुनाव
1952- कांग्रेस के राम लखन सिंह यादव को जीत मिली।
1957- प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के चंद्रदेव प्रसाद वर्मा को जीत मिली।
1962- कांग्रेस के राम लखन सिंह यादव को जीत को जीत मिली।
1967- संसोपा के चंद्रदेव प्रसाद वर्मा को जीत मिली।
1969- संसोपा के चंद्रदेव प्रसाद वर्मा को जीत मिली।
1972- कांग्रेस (ओ) के कन्हाई सिंह को जीत मिली।
1977 - निर्दलीय उम्मीदवार को कन्हाई सिंह को जीत मिली।
1980 - कांग्रेस (यू) राम लखन सिंह यादव को जीत मिली।
1985- कांग्रेस के राम लखन सिंह यादव को जीत मिली।
1990 - कांग्रेस के राम लखन सिंह यादव को लगातार तीसरी और कुल पांचवीं बार पालीगंज सीट से जीत मिली।
1991- राम लखन सिंह के इस्तीफा के बाद से यहां हुए उपचुनाव मे जनता दल के चंद्रदेव प्रसाद वर्मा को जीत मिली।
1995- जनता दल के चंद्रदेव प्रसाद वर्मा को जीत मिली। ये वर्मा की कुल पांचवीं जीत थी।
1996- इस उपचुनाव में भाजपा के जर्नादन शर्मा को जीत मिली।
2000- राजद के दिनानाथ सिंह को जीत मिली।
फरवरी 2005- भाकपा (माले) के नंद कुमार नंदा को जीत मिली।
अक्तूबर 2005- भाकपा (माले) के नंद कुमार नंदा एक बार फिर जीते।
2010- भाजपा के उषा विद्यार्थी को जीत मिली।
2015- राजद के जयवर्धन यादव को जीत मिली।
2020- भाकपा (माले) संदीप सौरभ को जीत मिली।
इस बार इन चेहरों के बीच मुकाबला
2025 के विधानसभा चुनाव में पालीगंज सीट से कुल 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। 2020 में जीतने वाले संदीप सौरभ एक बार फिर भाकपा (माले) के टिकट पर मैदान में हैं। वहीं, एनडीए की ओर से लोजपा के सुनील कुमार मैदान में हैं। 2020 में लोजपा यहां तीसरे नंबर पर रही थी। वहीं, जन सुराज ने श्याम नंदन शर्मा को टिकट दिया है। जबकि, आम आदमी पर्टी से शिवनाथ कुमार मैदान में हैं।