प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 अक्तूबर को बिहार के मगध-शाहाबाद-भागलपुर (गया, सासाराम, भागलपुर) से रैली का आगाज करेंगे। राजद के मगध किले को भेदने के साथ-साथ मोदी ने भागलपुर को भी चुना है, जहां के दंगे की चर्चा इन दिनों नीतीश खूब कर रहे हैं। मोदी का इन इलाकों से ही चुनाव प्रचार की शुरुआत की वजहें भी हैं।
मोदी के मैदान में आते ही न केवल चुनाव प्रचार आक्रामक होगा बल्कि भाजपा ने लोजपा के संदर्भ में भी अपनी रणनीति पूरी तरह साफ कर दी है। पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की एक दर्जन साझा रैलियों की घोषणा के संकेत साफ हैं। भाजपा ने लोजपा को अपने हाल पर छोड़ने का फैसला कर लिया है। दो अहम कदमों के जरिए भाजपा ने लोजपा के संदर्भ में जारी सियासी नाटक का पर्दा भी गिरा दिया है। अंतत: मतदाताओं के बीच पनप रहे भ्रम को खत्म करने के लिए पीएम-सीएम की साझा रैलियों की घोषणा हुई।
तीन चरणों के लिए चार दिन, दो दिन मतदान वाले
तीन चरणों के चुनाव में चार दिन मोदी रण में होंगे। रैलियों की शुरुआत भले 23 अक्तूबर से हो रही है, लेकिन पहले और दूसरे चरण के लिए जब मतदान हो रहे होंगे, उस दिन भी मोदी दूसरे और तीसरे चरण के मतदान वाले चुनाव क्षेत्रों से प्रचार को धार दे रहे होंगे। 23 अक्तूबर को सासाराम, गया और भागलपुर से आगाज करेंगे। पहले चरण के लिए 71 सीटों पर मतदान 28 को है, उस दिन वह दूसरे चरण वाले दरभंगा, पटना और मुजफ्फरपुर में विरोधियों को घेरेंगे। फिर एक नवंबर को छपरा, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर में चुनाव प्रचार करेंगे। तीन नवंबर को जब दूसरे चरण के लिए 94 सीटों पर मतदान हो रहा होगा, उस दिन वह पश्चिम चंपारण, सहरसा और फारबिसगंज-अररिया में गरजेंगे।