कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के 19 लाख रोजगार देने के वादे को लेकर तंज कसा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सवालिया लहजे में कहा कि उन्हें नहीं पता था कि 19 असल में 10 से छोटी संख्या है। लगता है कि मुझे वापस प्राथमिक विद्यालय में जाना चाहिए।
बहरहाल, आप सोच रहे होंगे कि पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम आखिरकार ऐसा क्यों कह रहे हैं और बिहार चुनाव में क्या है ये 10-19 का गणित? क्या वजह है कि चिदंबरम ने इस तरह से भाजपा पर तंज कसा है? दरअसल, बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल ने 10 लाख सरकारी नौकरियां देने का चुनावी वादा किया है।
राजद के इस वादे को लेकर भाजपा सहित जदयू ने पहले तो खूब मजाक उड़ाया और फिर इसे झूठा तक करार दे दिया था। इसके साथ ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने बिहार के सरकारी खजाने में धन की कमी का हवाला देते हुए सवाल भी उठाए थे। राजग ने राजद से पूछा था कि जब सरकारी खजाने में धन की कमी है तो ऐसे में वह 10 लाख नौकरियां देने का अपना वादा कैसे पूरा करेगी। इसे लेकर अन्य दलों ने भी राजद को घेरा था।
यहां तक कि भाजपा और जदयू ने राजद पर सवाल उठाते हुए कहा था कि जो इस तरह के झूठे वादे कर रहे हैं उनसे पूछिए कि 10 लाख लोगों को नौकरी देने के बाद वेतन के लिए 58 हजार करोड़ रुपये कहां से लाएंगे?
वहीं दूसरी ओर अब भाजपा ने अपने चुनावी वादे में 19 लाख नौकरियां देने का वादा किया है। यही वजह है कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम उखड़े हुए हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में तंज कसा है।
चिदंबरम ने इस मामले पर ट्वीट करते हुए कहा कि '10 लाख नौकरियों का वादा करने वाली आरजेडी का मजाक उड़ाने के बाद एनडीए ने बिहार में 19 लाख नौकरियां सृजित करने का वादा किया है। मुझे नहीं पता था कि 10 की तुलना में 19 छोटी संख्या है। लगता है कि मुझे प्राथमिक विद्यालय में वापस जाना चाहिए।'
चिदंबरम ने एक अन्य ट्वीट करते हुए देश की अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 39 में 34 अर्थशास्त्री कह रहे हैं कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए अभी भी पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। क्या प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री इनकी बातों को सुन रहे हैं?