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Bihar Election 2020 : राजग में भितरघात की जमीन तैयार, भाजपा-जदयू ने साध रखी चुप्पी

Tue, 06 Oct 2020 03:19 AM IST
योगेश साहू हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

  • लोजपा की रणनीति ने भाजपा-जदयू के असंतुष्टों को दी नई जमीन
  • परस्पर अविश्वास के कारण चुनाव प्रचार का जायका खराब होना तय
  • लोजपा पर भावी रुख अपनाने के लिए भाजपा में दिन भर हुई माथापच्ची
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मतदान (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार
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'मोदी के साथ नीतीश के खिलाफ' संबंधी लोजपा की रणनीति ने बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा और जदयू के बीच भितरघात की मजबूत जमीन तैयार कर दी है। चुनाव में दोनों दलों के असंतुष्टों की पौ बारह तय है। इस रणनीति के दोनों दलों के बीच अविश्वास की बड़ी खाई पैदा होने की शुरुआत हो चुकी है। जाहिर तौर पर इसका प्रतिकूल असर भाजपा-जदयू के संयुक्त चुनाव प्रचार पर भी पड़ना तय है।

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भाजपा-जदयू दोनों ने साध रखी है चुप्पी
हालांकि सार्वजनिक तौर पर लोजपा की रणनीति के मामले में भाजपा और जदयू एक दूसरे पर सार्वजनिक तौर पर आरोप नहीं लगा रहे। दोनों ने चुप्पी साध रखी है, मगर अंदरखाने दोनों दल ऐसी परिस्थिति उत्पन्न करने के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार भी मान रहे हैं।

जदयू नेताओं का कहना था कि चिराग बीते छह महीने से भाजपा के इशारे पर ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे थे। परिणाम लोजपा का जदयू के खिलाफ खुलकर उम्मीदवार उतारने की घोषणा के रूप में सामने आया। भाजपा नेता इसके लिए नीतीश की जिद को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि अगर जदयू अपने कोटे से लोजपा को कुछ सीटें देती तो ऐसी स्थिति नहीं आती।
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प्रचार में उतरने से पहले ही अविश्वास की छाया
भाजपा और जदयू ने चुनावी अधिसूचना जारी होने के बाद संयुक्त प्रचार अभियान की कई रणनीति तैयार की थी। अब इस रणनीति पर अविश्वास की छाया है। जदयू सूत्रों का कहना है कि लोजपा के इस कदम से राज्य में राजग की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे। लोजपा राजग के एक सहयोगी के पक्ष में तो एक के विरोध में वोट देने का आह्वान करेगी। ऐसे में जाहिर तौर पर इसका असर राजग के चुनाव प्रचार पर पड़ेगा।

असंतुष्टों की होगी पौ बारह
लोजपा की रणनीति और इस पर भाजपा की चुप्पी से दोनों सहयोगियों के असंतुष्टों की पौ बारह होगी। बंटवारे में अपनी सीट गंवाने वाले भाजपा के कई नेता वाया लोजपा चुनाव मैदान में उतर जाएंगे। चूंकि लोजपा के पास इतनी संख्या में उम्मीदवार भी नहीं है, इसलिए लोजपा ऐसे नेताओं को हाथोंहाथ लेगी। दूसरी ओर गठबंधन में खटास के कारण भाजपा के हाथों अपनी सीटें गंवाने वाले जदयू के कई नेता बतौर बागी दमखम आजमाएंगे।

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लोजपा पर सीधा हमला नहीं बोलेगी भाजपा

सोमवार को दिन भर लोजपा के संदर्भ में स्टैंड लेने के मामले में भाजपा में माथापच्ची हुई। तय किया गया कि चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के प्रचारक सत्तारूढ़ राजग के पक्ष में वोट डालने की अपील करेंगे। हालांकि इस दौरान लोजपा पर सीधा हमला करने से बचेंगे, मगर विपक्षी महागठबंधन पर तीखा हमला बोलेंगे। चूंकि लोजपा ने पीएम मोदी और भाजपा का हाथ मजबूत करने की घोषणा की है। इस संदर्भ में पार्टी की संसदीय बोर्ड में प्रस्ताव भी पारित किया है। इस कारण भाजपा लोजपा पर सीधा हमला नहीं बोलना चाहती।

लोजपा की रणनीति पर कयासों का दौर
लोजपा की रणनीति पर कयासों का सिलसिला शुरू हो गया है। राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि चिराग ने चुनाव बाद भाजपा से हाथ मिला कर सरकार बनाने की रणनीति बनाई है। लोजपा की योजना जदयू को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की है, जिससे नीतीश के मुख्यमंत्री बनने की संभावना क्षीण हो जाए। पर्दे के पीछे इसमें भाजपा की भूमिका देखने वालों का मानना है कि अगर पार्टी जदयू से ज्यादा सीटें जीतेगी तो सीएम पद पर स्वाभाविक रूप से उसकी दावेदारी मजबूत होगी।
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