सोमवार को दिन भर लोजपा के संदर्भ में स्टैंड लेने के मामले में भाजपा में माथापच्ची हुई। तय किया गया कि चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के प्रचारक सत्तारूढ़ राजग के पक्ष में वोट डालने की अपील करेंगे। हालांकि इस दौरान लोजपा पर सीधा हमला करने से बचेंगे, मगर विपक्षी महागठबंधन पर तीखा हमला बोलेंगे। चूंकि लोजपा ने पीएम मोदी और भाजपा का हाथ मजबूत करने की घोषणा की है। इस संदर्भ में पार्टी की संसदीय बोर्ड में प्रस्ताव भी पारित किया है। इस कारण भाजपा लोजपा पर सीधा हमला नहीं बोलना चाहती।
लोजपा की रणनीति पर कयासों का दौर
लोजपा की रणनीति पर कयासों का सिलसिला शुरू हो गया है। राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि चिराग ने चुनाव बाद भाजपा से हाथ मिला कर सरकार बनाने की रणनीति बनाई है। लोजपा की योजना जदयू को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की है, जिससे नीतीश के मुख्यमंत्री बनने की संभावना क्षीण हो जाए। पर्दे के पीछे इसमें भाजपा की भूमिका देखने वालों का मानना है कि अगर पार्टी जदयू से ज्यादा सीटें जीतेगी तो सीएम पद पर स्वाभाविक रूप से उसकी दावेदारी मजबूत होगी।