इसी तरह, बेगूसराय से लोकसभा चुनाव जीते भूमिहार नेता गिरिराज सिंह राज्य के तेज तर्रार 'हिंदू फायर ब्रांड नेता' के तौर पर देखे जाते हैं और पार्टी की तरफ से विपक्षी दलों पर आक्रामक बैटिंग के लिए जाने जाते हैं। उनके चुनावी मैदान में उतरने से पार्टी को लाभ हो सकता है। विशेषकर भूमिहार समाज जो भाजपा के मजबूत वोट बैंक की तरह से देखा जाता रहा है, गिरिराज सिंह के उतरने से वह और मजबूती के साथ भाजपा और एनडीए के साथ लामबंद हो सकता है। इस चुनाव में भाजपा जिस तरह हिंदुत्व की राजनीति कर रही है, गिरिराज सिंह जैसे नेता उसकी इस रणनीति में पूरी तरह फिट बैठते हैं।
राजीव प्रताप रूडी पर भी लगा सकती है दांव
सारण से भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी को भी बिहार विधानसभा चुनाव में उतारने की चर्चा है। राजपूत समाज से आने वाले राजीव प्रताप रूडी पूरे बिहार में इस समय भाजपा के सबसे मजबूत नेताओं में से एक माने जाते हैं। पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री आरके सिंह की संभावित बगावत के बाद राजपूत वोटों के नुकसान को साधने के लिए भाजपा रूडी को चुनाव मैदान में उतारकर बड़ा दांव खेल सकती है।