बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह दिल्ली में लोजपा प्रमुख चिराग पासवान की उपस्थिति में लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) में शामिल हुए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, नीतीश बिहार में एनडीए के नेता
बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार में एनडीए के नेता हैं। उनके नेतृत्व में बिहार में 'गठबंधन' की सभी बातें हो रही हैं। भाजपा राज्य में उनके नेतृत्व को स्वीकार करती है। जो कोई भी नीतीश कुमार जी के नेतृत्व को स्वीकार करता है, वह एनडीए गठबंधन का हिस्सा होगा।
कई सीटों पर अपने-अपने दावे
जदयू सूत्रों के मुताबिक, सीटों की संख्या पर कोई समस्या नहीं है। तीन दिन पहले ही सहमति बन गई है कि जदयू 122 तो भाजपा 121 सीटों पर लड़ेगी। पेच सीटें चिन्हित करने पर फंसा हुआ है। बीते विधानसभा चुनाव में दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़े थे।
ऐसे में कई सीटें ऐसी हैं जिन पर कोई अपनी दावेदारी नहीं छोड़ना चाहता। इसके अलावा जदयू उन सीटों को भी हासिल करना चाहती है जिन सीटों के राजद विधायकों ने हाल ही में पाला बदला था। भाजपा इन सीटों पर अपनी दावेदारी जता रही है।
चुनाव चिन्ह का गुपचुप बंटवारा
ऐसी कुछ सीटों पर सोमवार को भी लगातार माथापच्ची हुई, मगर खबर लिखे जाने तक इन पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया। यही कारण है कि जदयू ने जहां आधिकारिक घोषणा किए बगैर पहले चरण की कुछ सीटों पर उम्मीदवारों को अपने चुनाव चिन्ह दे दिए, वहीं भाजपा ने भी अपने उम्मीदवारों को फोन पर सूचना दे दी है कि किन्हें कहां से लड़ना है। पहले चरण के नामांकन का समय बीतता जा रहा है, इसलिए दोनों दलों की बेचैनी भी बढ़ रही है।
लोजपा-भाजपा की सरकार बनेगीः चिराग
लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने सोमवार को खुला पत्र लिख कर एक बार फिर जदयू पर हमला किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लोजपा और भाजपा की सरकार बनेगी। लोजपा के सभी विधायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम करेंगे।
चिराग ने कहा कि यह निर्णायक क्षण है। जदयू प्रत्याशियों को दिया गया एक भी वोट कल आपके बच्चों को पलायन पर मजबूर करेगा। आज राष्ट्रहित और बिहार हित में सही फैसला लेने का निर्णय है। बिहार और बिहारवासियों के हित के फैसले को लेकर उनके बीच जाऊंगा। चिराग ने बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट का नारा दिया। चिराग ने पत्र में अपने पिता के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जाहिर की।
उधर, राजद- कांग्रेस के बीच भी माथापच्ची
राजद ने भी पहले चरण की अपनी सीटों के लिए उम्मीदवारों को गुपचुप ही चुनाव चिन्ह थमा दिया है। सोमवार को दिन भर चली राजद संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद शाम तक 28 उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह बांट दिए गए। इनमें पार्टी के 6 बड़े नेताओं के बेटे- बेटियों को उम्मीदवार बनाया गया है।
राजद में भी कांग्रेस के साथ कुछ सीटों को लेकर माथापच्ची जारी है। यही वजह है कि अब तक उसने भी अपने उम्मीदवार आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किए हैं। कांग्रेस ने अब तक 46 सीटें तय की हैं। इनमें पहले चरण के वर्तमान विधायक और कई उम्मीदवार हैं।
राजद ने जिन्हें चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया है, उनमें प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह को रामगढ़, शिवानंद तिवारी के बेटे राहुल तिवारी को शाहपुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह के बेटे ऋषि सिंह को ओबरा से और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश यादव की बेटी दिव्या प्रकाश को तारापुर व भाई विजय प्रकाश को चकाई से उम्मीदवार बनाया गया है।
हालांकि राजद ने भी औपचारिक तौर पर एक भी प्रत्याशी का नाम घोषित नहीं किया है। राजद और कांग्रेस के बीच कुछ सीटों पर एक्सचेंज को लेकर संवाद जारी है और मंगलवार तक बातचीत के जरिए सुलझ जाने के आसार हैं। बसपा से आये भरत बिंद को भी भभुआ से प्रत्याशी बनाया गया है।
जदयू में ददन आउट, शिक्षा मंत्री की सीट बदली
जदयू ने अपने डुमरांव के विधायक ददन पहलवान का टिकट काट दिया है। पहले चरण में सात सीटों पर नए उम्मीदवार बनाये गये हैं। पहले चरण में 71 सीटों में 36 पर जदयू के उम्मीदवार होंगे। राजद से आये विधायक जयवर्द्धन यादव और कांग्रेस से आये विधायक सुदर्शन कुमार को उम्मीदवार बनाया है। टिकट बाटने में अति पिछड़ों को तरजीह दी गयी है।
वीआईपी ने थामा राजग का दामन
विपक्षी महागठबंधन से नाता तोड़ने वाली वीआईपी सोमवार को राजग में शामिल हो गई। जदयू जहां अपने कोटे से हम को पांच से सात तो भाजपा वीआईपी को अपने कोटे से तीन से पांच सीटें देगी। भाजपा सूत्रों ने बताया कि सीटों की संख्या तय होने के बाद सोमवार को वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी ने राजग का दामन थाम लिया है।