भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील का एलान फरवरी की शुरुआत में हो चुका है। इस समझौते की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इस बीच वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इस डील को लेकर अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा, अगले सप्ताह भारतीय अधिकारियों का एक दल अमेरिका जाएगा, ताकि समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप दिया जा सके। वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव और मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल वाशिंगटन जाएगा। जहां दोनों पक्ष कानूनी ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने पर काम करेंगे।
अधिकारियों का यह दौरा फरवरी के अंत में शुरू होने की संभावना है। जबकि इस समझौते पर मार्च में हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। दोनों देशों के संयुक्त बयान में समझौते का ढांचा तय किया गया है। अब इस ढांचे को कानूनी समझौते का रूप दिया जाएगा, जिस पर दोनों पक्ष हस्ताक्षर करेंगे। वाणिज्य सचिव ने कहा, दोनों पक्ष इस कानूनी समझौते को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसके लिए वर्चुअल बातचीत भी लगातार चल रही है। सरकार की कोशिश है कि समझौते को मार्च तक अंतिम रूप देकर साइन कर लिया जाए, लेकिन इसके लिए कोई तय डेडलाइन नहीं रखी गई है। कानूनी समझौते को अंतिम रूप देने में कई तकनीकी और जटिल पहलू होते हैं, जिन्हें दोनों पक्षों को मिलकर सुलझाना होगा। उन्होंने कहा, अमेरिका के साथ समझौते पर बातचीत के दौरान सरकार ने सभी संबंधित मंत्रालयों और उद्योग जगत से अलग-अलग चरणों में विस्तृत सलाह-मशविरा किया। व्यापार जगत इस नतीजे से काफी संतुष्ट है।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है, अमेरिका रेसिप्रोकल टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की दिशा में काम कर रहा है। इस पर भी प्रक्रिया चल रही है। पूरी उम्मीद है कि यह फैसला इसी हफ्ते हो जाएगा। अगर इस सप्ताह यह नहीं हो पाया, तो अगले सप्ताह अमेरिका जा रही भारतीय टीम वहां जाकर इस मुद्दे को आगे बढ़ाएगी और यह भी पता करेगी कि इसमें देरी क्यों हो रही है।
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इस बीच भारत के निर्यात में जनवरी महीने में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जनवरी में देश का निर्यात 0.61 प्रतिशत बढ़कर 36.56 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है। यह बढ़ोतरी वैश्विक चुनौतियों के बीच सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जनवरी तक कुल निर्यात 2.22 प्रतिशत बढ़कर 366.63 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंच गया है। सरकार का कहना है कि लगातार बढ़ता निर्यात देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की स्थिति बेहतर हो रही है।
इस्राइल और यूके के साथ भी तेज बातचीत
सूत्रों के मुताबिक, इस्राइल के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी बातचीत जारी है। दोनों देशों के बीच ट्रेड बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और भविष्य में इस दिशा में बड़ा समझौता हो सकता है। इसके अलावा, भारत-यूके एफटीए को लेकर भी दोनों देश सक्रिय हैं। सरकार की कोशिश है कि इस समझौते को जल्द से जल्द लागू किया जाए। दोनों देश इसे अप्रैल महीने से लागू करने की दिशा में काम कर रहे है।