भारतीय सेना ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अब अपने विमानों की कमान देश की बेटियों को सौंपने का फैसला किया है। सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने 15 जनवरी को सेना दिवस से पूर्व घोषणा की है कि अब महिला पायलट भी सेना के विमान उड़ाएंगी। इसके लिए जुलाई में पहले बैच को ट्रेनिंग देने की भी तैयारी है।
नरवणे ने कहा कि उन्होंने विमानन विंग में महिलाओं को शामिल करने का निर्देश एक महीने पहले ही दे दिया था। अब तक महिलाओं को सेना की विमानन विंग में सिर्फ एयर ट्रैफिक कंट्रोल और ग्राउंड ड्यूटी तक ही सीमित रखा गया था।
सेना प्रमुख ने कहा, सेना के विशेष सहायक मंडल, सैन्य सचिव शाखा और विमानन निदेशालय में आम सहमति बनी है कि महिला अफसरों को भी सेना के विमान उड़ाने दिए जाएं।
इनकी ट्रेनिंग जुलाई से शुरू होगी और एक साल बाद महिला पायलटों को अग्रिम मोर्चों पर सेना का विमान उड़ाने का मौका मिलेगा। सेना ने 2019 में एतिहासिक कदम उठाते हुए सेना पुलिस में महिलाओं को शामिल किया था।
2018 में अवनी चतुर्वेदी बनीं थी लड़ाकू जेट उड़ाने वाली पहली महिला
2018 में वायुसेना की फ्लाइंग ऑफिसर अवनी चतुर्वेदी अकेले लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं थीं। उनहोंने मिग-21 बाइसन उड़ाया था। वे वायुसेना में पहली बार शामिल की गई तीन महिला फ्लाइंग ऑफिसरों की टीम में शामिल थीं। अभी वायुसेना में कुल 1875 महिला अधिकारी हैं जिनमें 10 लड़ाकू विमान उड़ाती हैं।