अब क्या यह मान लिया जाए कि भारत में बड़े धार्मिक अनुष्ठानों और कार्यक्रमों में हादसे होते रहेंगे? इनमें मासूम लोग कुचले जाते रहेंगे या जलने से जान गंवाते रहेंगे? पहली नजर में तो यह लगता है।
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अब वाराणसी में बनारस में बाबा जय गुरुदेव के एक कार्यक्रम में अचानक भगदड़ मचने से 20 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा गंभीर रुप से घायल हैं। वाराणसी और चंदौली की सीमा पर पड़ाव के समीप राजघाट पुल पर भगदड़ मचने के कारण हादसा हुआ है।
गौरतलब है कि डुमरिया में जय गुरुदेव के समागम का आयोजन था। इसी समागम में शामिल होने के लिए वाराणसी और आसपास के इलाकों से लाखों की तादाद में जय गुरुदेव के अनुयायी पहुंचे थे। प्रसाशन की ओर से हताहतों को हर मुमकिन सुविधा देने की कोशिश की जा रही है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर घटना पर अपना दुख जताया है। प्रधानमंत्री ने लिखा है, 'अधिकारियों से बात की है और घायलों को सभी तरह की मदद करने का निर्देश दिया है।'
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बसपा रैली में मची भगदड़ से दो लोगों की मौत
BSP rally stampede
लखनऊ में बसपा की रैली में बवाल व भगदड़ मच जाने से दो की मौत हो गई जबकि कई घायल हो गए थे। जिसमें तीन की हालत गंभीर नाजुक हो गई थी उनका ईलाज अस्पताल में चल रहा है।
मामले पर सीएम अखिलेश यादव ने मृतक आश्रितों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। वहीं, बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भी मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख व घायलों का पार्टी की तरफ से इलाज कराने की घोषणा की।
मायावती की रैली में लखनऊ स्थित कांशीराम स्मारक में प्रदेश भर से भीड़ उमड़ी थी। रैली खत्म होते ही लोग मेनगेट की तरफ दौड़े। पुलिस के मुताबिक, भगदड़ में कई लोग लड़खड़ा कर गिरे और अन्य उन्हें रौंदते हुए भागने लगे।
कोल्लम के पुत्तिंगल मंदिर में भयानक हादसा
stampede
इससे पूर्व अब केरल के कोल्लम के पुत्तिंगल मंदिर में भयानक हादसा हो गया था। वहां पर आग लगने से करीब 108 लोगों की मौत हो गई। सैकड़ों लोग घायल हो गए थे।
गौरतलब है कि तड़के तीन बजे के करीब मंदिर में एक समारोह के दौरान आतिशबाजी की जा रही थी, जिसे देखने के लिए मैदान में हजारों लोग उपस्थित थे।
पटाखे फोड़ने के दौरान चिनगारियां पास के गोदाम तक पहुंच गर्इं जहां पटाखों का ढेर रखा हुआ था। पटाखों में आग लगने लगी तो उधर मौजूद लोग जान-बचाने के लिए भी दाएं-बाएं भागने लगे।
इलाहाबाद कुंभ के दौरान स्टेशन पर मची थी भगदड़
भगदड़
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2013 में इलाहाबाद कुंभ में भी मौनी अमावस्या के दिन रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में भी डेढ़ सौ से ऊपर लोग मरे थे।
अब ये हादसे भी जनता की स्मृतियों से ओझल होते जा रहे हैं। आप धार्मिक आयोजनों के दौरान भगदड़ और अन्य कारणों के चलते होने वाली मौतों को गूगल पर सर्च करेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि भारत में कितने मासूम इन आयोजनों में अपनी जान गंवा देते हैं।
पर मजाल है कि भीड़ प्रबंधन को लेकर कोई गंभीरता से सोच रहा हो। यानी लोग मरते रहे, होती रहे जांच और दे दी जाए मृतकों के परिजनों को अंतरिम राहत! इस घटना में कुछ मौतें जलकर हुईं तो ज्यादातर मौत भगदड़ की वजह से हुईं।