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Exclusive: विहिप नेता अरुण माहौर की हत्या में चौंकाने वाला खुलासा

Thu, 19 May 2016 01:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
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विहिप नेता अरुण माहौर की 25 फरवरी को मंटोला के मीरा हुसैनी चौक पर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। नामजद पांचों आरोपियों के नाम इसमें शामिल हैं।
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चौंकाने वाला तथ्य यह है कि  वारदात का मकसद छेड़खानी का विरोध बताया गया है। जबकि भाजपा अभी तक यह दावा करती रही कि हत्या की वजह गोकशी का विरोध करना था। चार्जशीट में बताया गया है कि मुख्य आरोपी शाहरुख युवतियों से छेड़खानी करता था। अरुण ने इसका विरोध किया। तब उनका उसके साथ झगड़ा हो गया। इसी रंजिश में हत्या की गई।

भाजपा और विहिप ने अरुण माहौर की हत्या को गोरक्षक के बलिदान के रूप में पेश किया था। उनके परिवार ने भी यही बताया था कि वह गोकशी करने वालों का विरोध करते थे। पुलिस से उन्हें पकड़वाते थे। इसी कारण उनकी हत्या की गई।
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इसी को मुद्दा बनाकर भाजपा ने आंदोलन चलाया। नेताओं ने भड़काऊ भाषण दिए। इस पर संसद और विधानसभा में हंगामा हुआ, लेकिन पुलिस जांच में ऐसा नहीं पाया गया।
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पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट

पुलिस सूत्रों की मानें तो इसकी वजह नामजद आरोपियों के खिलाफ गोकशी के केस दर्ज न होना रही। शाहरुख और उसके साथी गोकशी में कभी जेल नहीं गए। शाहरुख को हरीपर्वत थाना पुलिस ने एक बार छेड़छाड़ में जरूर पकड़ा था।

इसके अलावा कई लोगों के बयान में भी यह बात आई कि शाहरुख के साथ अरुण की कहासुनी हुई थी। वाकया हत्या से तीन दिन पहले का है। शाहरुख पर युवती से छेड़छाड़ का आरोप था। इस पर अरुण ने उसे चेतावनी दी थी।

अरुण माहौर हत्याकांड में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। इसमें पांच आरोपी हैं। हत्या की वजह छेड़खानी का विरोध करना पाई गई है। -बीएस त्यागी, सीओ छत्ता

25 फरवरी को अरुण माहौर की हत्या की गई थी। हत्या के बाद 15 दिन तक शहर में बवाल चला था। 05 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। हत्या के बाद हुए बवाल में 03 केस दर्ज किए गए थे
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