विहिप नेता अरुण माहौर की 25 फरवरी को मंटोला के मीरा हुसैनी चौक पर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। नामजद पांचों आरोपियों के नाम इसमें शामिल हैं।
चौंकाने वाला तथ्य यह है कि वारदात का मकसद छेड़खानी का विरोध बताया गया है। जबकि भाजपा अभी तक यह दावा करती रही कि हत्या की वजह गोकशी का विरोध करना था। चार्जशीट में बताया गया है कि मुख्य आरोपी शाहरुख युवतियों से छेड़खानी करता था। अरुण ने इसका विरोध किया। तब उनका उसके साथ झगड़ा हो गया। इसी रंजिश में हत्या की गई।
भाजपा और विहिप ने अरुण माहौर की हत्या को गोरक्षक के बलिदान के रूप में पेश किया था। उनके परिवार ने भी यही बताया था कि वह गोकशी करने वालों का विरोध करते थे। पुलिस से उन्हें पकड़वाते थे। इसी कारण उनकी हत्या की गई।
इसी को मुद्दा बनाकर भाजपा ने आंदोलन चलाया। नेताओं ने भड़काऊ भाषण दिए। इस पर संसद और विधानसभा में हंगामा हुआ, लेकिन पुलिस जांच में ऐसा नहीं पाया गया।