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केंद्र का बड़ा फैसला: किसान के खेत से सीधे खरीदार के घर पहुंचेंगे उत्पाद, पढ़ें पूरी खबर

Sun, 17 Mar 2024 07:25 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ई-नाम की शुरुआत 14 अप्रैल, 2016 को हुई थी। आज 23 राज्य व 4 केंद्र शासित प्रदेशों के 1,389 थोक बाजार ई-नाम से जुड़े हैं। यहां किसानों की उपज की प्रतिस्पर्धी बोली लगाई जाती है, जिससे किसानों को फसल की अच्छी कीमत मिलती है।

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Genetically Modified crops - फोटो : Istock
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विस्तार
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किसान आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने किसानों के फायदे के लिए एक बड़ा फैसला करते हुए राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) को डिजिटल कॉमर्स के ओपन नेटवर्क (ओएनडीसी) से जोड़ दिया है। कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस फैसले से किसानों के उत्पाद खेत से सीधे खरीदारों के घर डिलीवर हो पाएंगे। मुंडा ने कहा कि सरकार का यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने में मददगार होगा।

ई-नाम के जरिये किसान अब तक अपनी फसल को ऑनलाइन बेच सकते थे। अब इसे ओएनडीसी के साथ जोड़े जाने से किसानों को खरीदारों का व्यापाक आधार मिलेगा, खासतौर पर एफपीओ (फॉर्मर प्रड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों की उपज खेतों से सीधे लोगों के घर डिलीवर हो सके। मुंडा ने बताया कि ई-नाम पर पंजीकृत किसानों को ओएनडीसी के जरिये सीधे ग्राहकों तक पहुंचने का मौका मिलेगा। ब्यूरो

2016 में हुई थी ई-नाम की शुरुआत

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ई-नाम की शुरुआत 14 अप्रैल, 2016 को हुई थी। आज 23 राज्य व 4 केंद्र शासित प्रदेशों के 1,389 थोक बाजार ई-नाम से जुड़े हैं। यहां किसानों की उपज की प्रतिस्पर्धी बोली लगाई जाती है, जिससे किसानों को फसल की अच्छी कीमत मिलती है।

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