लोकसभा में गुरुवार को चंद्रयान-3 की सफलता पर चर्चा के दौरान बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद दानिश अली पर निशाना साधने वाली बिधूड़ी की टिप्पणी पर भारी हंगामा हुआ और विपक्षी नेताओं ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने एक बयान में कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के एक सांसद ने संसद में जिस तरह से एक मुस्लिम सांसद के लिए असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया, वह देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक 'शर्मनाक घटना' है।
मदनी ने कहा कि जो कुछ भी हुआ उसे देखने के बाद यह कहा जा सकता है कि मुसलमानों के खिलाफ 'अत्यधिक नफरत' अब 'लोकतंत्र के मंदिर' तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष के किसी सांसद ने सदन में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया होता तो उसे तुरंत बाहर निकाल दिया जाता और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती।
उन्होंने कहा, 'उच्चतम न्यायालय ने नफरत फैलाने वाले भाषणों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है... कुछ मामलों में कार्रवाई भी की गई है, लेकिन चूंकि यह संसद का मामला है, इसलिए स्पीकर को कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है।' जमीयत प्रमुख ने जोर देकर कहा कि यह स्पीकर की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है कि वह ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने वाले सांसद के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दे।
बिरला ने बिधूड़ी को चेतावनी दी है कि अगर इस तरह का व्यवहार दोहराया गया तो उनके खिलाफ 'कड़ी कार्रवाई' की जाएगी और अली ने जोर देकर कहा है कि अगर कोई कदम नहीं उठाया गया तो वह सदन की सदस्यता छोड़ने पर विचार कर सकते हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा बिधूड़ी को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद इंडिया गठबंधन के दलों ने अली का समर्थन करते हुए कहा है कि यह नफरत भरे भाषण से कम नहीं है और उन्होंने मामले को सदन की विशेषाधिकार समिति को सौंपने की मांग की है।
बिधूड़ी को संसद से निलंबित करने की कई विपक्षी दलों की मांग के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने इन टिप्पणियों को गंभीरता से लिया और दक्षिण दिल्ली से लोकसभा सदस्य को चेतावनी दी कि अगर भविष्य में इस तरह का व्यवहार दोहराया गया तो उनके खिलाफ 'कड़ी कार्रवाई' की जाएगी।
वहीं, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर को लिखे पत्र में घटना का ब्योरा देते हुए लिखा है कि दानिश अली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय टिप्पणियां की थी। किसी भी देशभक्त जनप्रतिनिधि को इस तरह जाल में फंसाकर आपा खो देने के लिए बाध्य करने में यह काफी है।
उन्होंने पत्र में यह भी कहा कि टीएमसी और डीएमके सदस्यों ने की तरफ से भी दूसरे समुदाय की आस्था को लेकर टिप्पणियां की गई थी। बिधूड़ी ने अनुचित कार्य किया है, तो अली और अन्य सदस्यों ने भी समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने वाला रवैया अपनाया है।
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएंगे एनसीपी-टीएमसी : सुप्रिया सुले
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की नेता सुप्रिया सुले ने शनिवार को कहा कि बिधूड़ी बार-बार इसी तरह का आचरण करते रहे हैं। दो दिन पहले उन्होंने एक सांसद के साथ धक्का-मुक्की की थी। उन्हें सिर्फ चेतावनी देने से काम नहीं चलने वाला है। उन्होंने बताया कि दानिश अली के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर उनकी और टीएमसी की तरफ से विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाएगा।