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पीएम के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बोले- रातों रात खत्म नहीं हो सकता भ्रष्टाचार

Fri, 10 Nov 2017 06:35 AM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
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Bibek Debroy
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प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष एवं नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबराय ने कहा है कि भ्रष्टाचार को खत्म करना और काले धन पर रोक लगाना रातोंरात नहीं हो सकता है लेकिन इसके लिए एक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं। 
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जो इसकी आलोचना कर रहे हैं वे माने बैठे हैं कि यह सभी रोगों का इलाज है, लेकिन सरकार ने कभी यह दावा नहीं किया। प्रख्यात अर्थशास्त्री देबराय ने कहा कि नोटबंदी के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ किए गए उपायों के कारण ही बेनामी संपत्तियां जब्त की जा रही हैं। 

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आयकर विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों के छापे पड़ रहे हैं। तीन लाख शेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। हालांकि उन्होंने इस बात पर अफसोस जाहिर किया कि कुछ लोग रेड लाइट के उल्लंघन में पकड़े जाने पर ट्रैफिक कांस्टेबल को रिश्वत देकर छूटने की कोशिश करते हैं और फिर भ्रष्टाचार का रोना भी रोते हैं।
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कुछ लोग 70 साल से ‘चलता है’ और ‘कुछ नहीं हो सकता है’ की ठसक में जी रहे

Bibek Debroy
देबराय ने कहा, कुछ लोग 70 साल से ‘चलता है’ और ‘कुछ नहीं हो सकता है’ के ठसक में जी रहे थे, जिन्हें अब सरकार की कार्रवाई से परेशानी हो रही है। इसलिए वे इसे काफी सकारात्मक नजरिए से देख रहे हैं। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि पहले दिल्ली में प्रॉपर्टी की खरीद में 50:50 का अनुपात चलता था यानी आधा सफेद और आधा काला धन लेकिन अब यह अनुपात 80:20 का हो गया है। 

नीति आयोग के ओएसडी किशोर अरुण देसाई के साथ मिलकर संपादित की गई अपनी नई पुस्तक ‘ऑन द ट्रेल ऑफ द ब्लैक’ के बारे में एजेंसी से बात करते हुए देबराय ने पैराडाइज पेपर्स लीक के बारे में कहा कि इससे प्राप्त सूचनाओं के आधार पर सरकार की विभिन्न जांच एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू कर दी है। 

इस पुस्तक में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ठोस कदमों की चर्चा की गई है। उन्होंने बताया कि नोटबंदी के तुरंत बाद इस किताब की योजना बनी और इसे पूरा करने में छह महीने का वक्त लगा।
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