भूटान की चीन को दो-टूक, कहा समझौते का उल्लंघन कर रहा
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चीन की ओर से बढ़ती नापाक कोशिशों का भूटान को भी एहसास होने लगा है, इसलिए उसने भी डिमार्च जारी कर दी है। भूटान ने चीन के सिक्किम सीमा पर सड़क निर्माण को गलत बताया है। भूटान ने चीन हमला बोलते हुए कहा कि चीन के द्वारा किया जा रहा सड़क निर्माण प्रत्यक्ष रुप से समझौते का उल्लंघन है। भूटान ने कहा कि बिना सीमा समझौते के चीन चुम्बी घाटी क्षेत्र में रोड़ बना रहा है। हालांकि भूटान और चीन के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं।
बता दें कि मामले में विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को भी चुप्पी बरकरार रखी, जबकि चीन के सरकारी मीडिया ने भारत के खिलाफ जहर उगलना जारी रखा है। मामले में भूटानी विदेश मंत्रालय ने चीन की आलोचना करते हुए एक बयान में कहा कि भूटानी क्षेत्र के अंदर सड़क का निर्माण दो राष्ट्रों के बीच हुए समझौतों का प्रत्यक्ष उल्लंघन है और उस प्रक्रिया को प्रभावित भी करता है जिसके तहत दोनों देशों के बीच की सीमा सीमांकन किया गया है।
जानकारी के अनुसार भारत को चीन के खिलाफ कदम उठाने को मजबूर किया गया। चीन भारत के संयम का फायदा उठा रहा था। भारत ने चीन से संयम और जिम्मेदार व्यवहार का आग्रह किया था, लेकिन वह नहीं माना। जिसके बाद भारत ने चीन की ओर से चंबी घाटी के निकट डोका ला क्षेत्र में सड़क निर्माण परियोजना को रोक दिया। भारत और चीन के बीच तनाव के कई कारण है, जिसकी शुरुआत चीन का क्लास-40 रोड बना। चीन बॉर्डर पर रोड का निर्माण कर रहा है, ताकि उसके 40 टन के ट्रकों को आने-जाने में मदद मिल सके।
इस बीच चीन ने भारतीय सैनिकों पर घुसपैठ का आरोप लगाया और भारतीय सेना के बंकर भी तोड़ दिए। चीन की नाराजगी का असर कैलाश मानसरोवर पर भी पड़ा है। चीन ने यात्रा पर जाने वाले रास्ते नाथू-ला दरे को भी ब्लॉक कर दिया है। इस वजह से यात्रियों के जत्थे को वापस लौटना पड़ रहा है।