कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद भुवनेश्वर कलीता उच्च सदन और पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। सूत्रों के अनुसार वह आज शाम को पांच बजे भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इससे पहले असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने मंगलवार को कहा था कि कलीता भाजपा में शामिल हो सकते हैं। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि नेता नहीं बल्कि एक कार्यकर्ता के तौर कलीता का पार्टी में स्वागत है।
गोगोई ने कहा, 'मेरा मानना है कि वह भाजपा में शामिल होने वाले हैं। यदि वह कांग्रेस में रहते तो मैं व्यक्तिगत रूप से उनसे माफी मांगता।' कलीता कांग्रेस पार्टी के चीफ व्हिप थे यानी उनके ऊपर सांसदों को व्हिप जारी करने की जिम्मेदारी थी।
कलीता अनुच्छेद 370 को लेकर पार्टी के रुख से सहमत नहीं थे और इसी कारण उन्होंने सोमवार को उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस आत्महत्या कर रही है। उन्होंने एक पत्र में लिखा, 'आज कांग्रेस ने मुझे कश्मीर मुद्दे के बारे में व्हिप जारी करने को कहा है जबकि सच्चाई ये है कि देश का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है और ये व्हिप देश की जनभावना के खिलाफ है।'
उन्होंने आगे कहा था कि जहां तक अनुच्छेद 370 की बात है तो पंडित जवाहर लाल नेहरू ने खुद इसके विरोध में कहा था अनुच्छेद 370 एक दिन घिसते-घिसते घिस जाएगा। कलीता ने कहा था कि कांग्रेस की आज की विचारधारा से लगता है कि वह आत्महत्या कर रही है। मैं इसमें कांग्रेस का हिस्सेदार नहीं बनना चाहता। मैं इस व्हिप का पालन नहीं करुंगा और पार्टी से इस्तीफा देता हूं। आज का कांग्रेस नेतृत्व पार्टी को पूरी तरह से तबाह करने का काम कर रहा है। मुझे लगता है कि अब इस पार्टी को तबाह होने से कोई नहीं बचा सकता है।
कलीता के अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर पार्टी और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। गोगोई का कहना है कि कांग्रेस ने कलीता को बहुत कुछ दिया है। यदि वह भाजपा में शामिल होते हैं तो उन्हें एक अवसरवादी माना जाएगा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कलीता को कैसे पता था कि यह विधेयक सोमवार को राज्यसभा में पेश होने वाला है जो उन्होंने उस दिन को इस्तीफा देने के लिए चुना? पार्टी में किसी को भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी।