एसयूएम हॉस्पिटल अग्निकांड में मंगलवार को अस्पताल के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई। इसमें अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। एक एफआईआर चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय के संयुक्त निदेशक उमाकांत सतपथी और दूसरी अग्निशमन विभाग (सेंट्रल सर्किल) के अधिकारी बीबी दास ने दर्ज कराई है। इस बीच, अस्पताल का संचालन करने वाली संस्था ने चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। अग्निकांड में बुरी तरह जले आईसीयू और डायलिसिस यूनिट के 100 से अधिक मरीजों को दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है। प्रशासन की ओर से आधिकारिक तौर पर 20 लोगों की मौत की बात कही गई है।
स्वास्थ्य सचिव आरती आहूजा ने बताया कि एसयूएम हॉस्पिटल के 106 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया था। उनका वहां इलाज चल रहा है। इनमें से कुछ की हालत गंभीर है। अस्पतालों का दौरा करने के बाद आहूजा ने बताया कि कैपिटल हॉस्पिटल से 14 और एएमआरआई हॉस्पिटल में पांच लोगों की मौत हुई है। वहीं एम्स-भुवनेश्वर के प्रवक्ता ने अपने यहां एक मरीज की मौत होने की पुष्टि की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिकतर मौतें दम घुटने की वजह से हुई हैं। उन्होंने कहा कि मरने वालों में अधिकतर मरीज आईसीयू के हैं, जिन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।
इस बीच, एसयूएम हॉस्पिटल का संचालन करने वाली शिक्षा ओ अनुसंधान यूनिवर्सिटी (एसओयू) प्रशासन ने अस्पताल के चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है और हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। जिन लोगों को बर्खास्त किया गया है उनमें एक अग्निशमन अधिकारी, दो इंजीनियर और एक मैनेजर शामिल हैं।