जल्द ही देश के पहले तीन शहर इंदौर, भोपाल और उदयपुर आर्द्रभूमि (वेटलैंड) वाले शहर होंगे। भारत ने पहले वेटलैंड सिटी एक्रिडिटेशन (डब्ल्यूसीए) के लिए मध्य प्रदेश के दो और राजस्थान के एक शहर के नाम का प्रस्ताव किया है। केंद्रीय पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने तीनों शहरों के लिए उनके स्थानीय निकायों की मदद से राज्य वेटलैंड प्राधिकरणों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर डब्ल्यूसीए के नामांकन पेश किया है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की है। उन्होंने इसके लिए राज्यों और शहरों के स्थानीय प्रशासन की सराहना की है। केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि उन्हें यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि देश के पहले तीन शहरों इंदौर, भोपाल और उदयपुर को रामसर साइट के नामांकन हेतु प्रस्तुत किया गया है। यह इन शहरों की प्रतिष्ठित स्वैच्छिक वेटलैंड सिटी प्रत्यायन योजना के तहत है। योजना का लक्ष्य शहरी क्षेत्र से सटे आर्द्रभूमि के संरक्षण और उचित उपयोग के साथ स्थानीय आबादी के लिए सामाजिक-आर्थिक लाभ को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से संरक्षण से समृद्धि के प्रति पीएम की प्रतिबद्धता को दिखाता है।