पूर्वोत्तर राज्य में भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के अस्तित्व को लेकर असम सरकार के दावों पर विवाद के कुछ दिन बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि पवित्र स्थान पश्चिमी भारतीय राज्य यानी महाराष्ट्र में स्थित है। फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि हर कोई जानता है कि भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र में है और किसी को इस पर कोई संदेह नहीं है।
फडणवीस ने कहा कि अगर मैं कल एक विज्ञापन देता हूं, जिसमें दावा किया जाता है कि कामाख्या मंदिर महाराष्ट्र में है, तो क्या कामाख्या मंदिर महाराष्ट्र में आएगा? यह गुवाहाटी में ही रहेगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मुझे लगता है कि इस तरह के मुद्दे उठाने वालों के पास उठाने के लिए कोई अन्य मुद्दा नहीं है। फडणवीस की टिप्पणी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की ओर से रविवार को किए गए इस दावे के बाद आई है कि भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग उत्तर-पूर्वी राज्य के प्राचीन कामरूप क्षेत्र में स्थित है।
गुवाहाटी के पमोही में भीमाशंकर धाम ज्योतिर्लिंग मंदिर की यात्रा के दौरान सरमा ने कहा था कि भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का आगमन शिव पुराण के अनुसार कामरूप प्रदेश में हुआ था। पुराण में डाकिनी पहाड़ी और कामरूप के राजा का वर्णन है। शिवपुराण में स्पष्ट लिखा है कि भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग कामरूप में है। यह हमारी मान्यता है। महाराष्ट्र की अपनी मान्यता हो सकती है। भारत में अन्य जगहों पर भी भगवान शिव को लेकर अपनी मान्यताएं हैं।