गुजरात में हाल ही में समाज के कुछ वर्गों द्वारा दलितों की बारात को रोकने की घटनाओं पर भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने शुक्रवार को चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह के अत्याचार अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
यहां पत्रकारों से बात करते हुए, आजाद ने कहा कि गुजरात में 'जंगल राज' कायम है क्योंकि अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों को संविधान द्वारा दिए गए उनके मौलिक अधिकारों से वंचित किया गया है।
रावण के नाम से मशहूर आजाद ने कहा, "मैं गुजरात इसलिए आया हूं क्योंकि हाल के दिनों में दलितों पर अत्याचार की कई घटनाएं हुई हैं। ऐसा लगता है कि गुजरात में संविधान के प्रावधान लागू नहीं होते। हर नागरिक को भेदभाव से बचाने वाले संविधान के अनुच्छेद 15 को गुजरात सरकार ने हटा दिया है।"
उन्होंने कहा कि सिर्फ बारात निकालने से रोकने की ही बात नहीं है बल्कि गुजरात में दलित मूंछ रखने और अपने नाम में 'सिंह' लिखने की वजह से भी अत्याचार के शिकार हुए हैं।
उन्होंने कहा, "उन्हें अब तक मंदिरों में जाने की इजाजत नहीं है। यह और कुछ नहीं बल्कि 'जंगल राज' है। मैं सरकार को बताना चाहता हूं कि अब दलित यह अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम चाहते हैं कि सरकार जाग जाए और होश में आ जाए।"
भीम आर्मी के प्रमुख ने कहा कि वह गुजरात के हर उस गांव में जाएंगे जहां दलित समुदाय के दूल्हों को बारात निकालने से रोका गया। ये घटनाएं मेहसाणा के लोर गांव, साबरकांठा के सीतवाड़ा गांव और अरवल्ली जिले के खंबीसर में हुईं थी।