भेंडवल में हर साल अक्षय तृतीया के दिन सूर्योदय से पहले गांव के बाहर खेत में वाघ घराने के वंशज घट रचना करते है। घड़े में 18 प्रकार के अनाज जैसे गेहूं, ज्वार, अरहर, उड़द, मूंग, तिल, मसूर, तांदूल, मटर आदि डाले जाते हैं। खेत में मिट्टी खोदकर पानी भरकर घड़ा रखा जाता है और उसके अगल-बगल चार पिंड बनाई जाती है। उस पर पान-सोपारी आदि रखकर घटरचना की जाती है और दूसरे दिन सूर्योदय के साथ घड़े को बाहर निकालकर भविष्यवाणी की जाती है।
- 350 साल पुरानी है भविष्यवाणी की परंपरा
भेंडवल में घटरचना के जरिए भविष्यवाणी की परंपरा 350 साल पुरानी है। इस साल कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते भविष्यवाणी को लेकर शंका जाहिर की जा रही थी। लेकिन यह परंपरा कायम रहे। इसलिए चंद्रभान महाराज के वंशज पुंजाजी महाराज ने सभी किसानों को फोन पर कहा था कि वह अक्षय तृतीया के महूर्त पर घटरचना करेंगे और दूसरे दिन सूर्योदय के साथ भविष्यवाणी भी करेंगे। इसलिए इस बार भविष्यवाणी के समय पुंजाजी महाराज, सांरगधर पाटिल महाराज के अलावा सिर्फ चार लोग ही खेत में मौजूद थे।
- गतवर्ष की थी स्थिर सरकार की भविष्यवाणी
साल 2019 में भेंडवल में के प्रसिद्ध ज्योतिषी ने देश में चुनाव के बाद स्थिर सरकार की भविष्यवाणी की थी। पुंजाजी महाराज ने कहा था कि देश में 23 मई के बाद स्थिर सरकार होगी। उस समय यह भी भविष्यवाणी की गई थी कि देश की सीमाओं को कोई खतरा नहीं होगा और दुश्मन द्वारा की गई किसी भी नापाक हरकत पर भारतीय सेना माकूल जवाब देने में सक्षम होगी।