प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लॉकडाउन पर विरोधाभासी बयान दे रही है। उन्होंने दुकानें खोलने को लेकर गृह मंत्रालय के हाल के आदेश पर और स्पष्टता की मांग भी की।
बनर्जी ने दावा किया कि मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कई राज्यों को बारी-बारी वाली व्यवस्था के चलते उन्हें बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें मौका दिया जाता है तो वह बंगाल में केंद्रीय दल भेजने की आवश्यकता समेत कई प्रश्न उठातीं।
मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि लॉकडाउन पर केंद्र के बयान विरोधाभासी हैं, इनमें कोई स्पष्टता नहीं है। हम लॉकडाउन के पक्ष में हैं। लेकिन केंद्र सरकार एकतरफ तो लॉकडाउन लागू करने पर जोर देती है लेकिन दूसरी तरफ दुकानों को खोलने का आदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि आप दुकानें खोलते हैं तो कैसे आप लॉकडाउन लागू करेंगे। मैं सोचती हूं कि केंद्र को स्पष्टता के साथ सामने आना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री मोदी को तीन मई के बाद भी लॉकडाउन बढ़ाने का सुझाव दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर की मांग की। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कोरोना वायरस से निपटने के प्रयासों की सराहना की।
केरल के मुख्यमंत्री ने नहीं लिया हिस्सा
बैठक में शामिल होने वाले मुख्यमंत्रियों में अरविंद केजरीवाल (दिल्ली), उद्धव ठाकरे (महाराष्ट्र), ईके पलानीस्वामी (तमिलनाडु), कोनराड संगमा (मेघालय) त्रिवेंद्र सिंह रावत (उत्तराखंड) और योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश) शामिल थे। बैठक में प्रधानमंत्री सफेद और हरे रंग के बॉर्डर वाले गमछे से अपना मुंह ढंके हुए दिखे।
मेघालय, मिजोरम, पुड्डुचेरी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, बिहार, गुजरात और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को बैठक में बोलने का मौका मिला। वहीं अन्य मुख्यमंत्रियों से अपने सुझाव लिखित में देने के लिए कहा गया है। मेघालय के मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि राज्य तीन मई के बाद लॉकडाउन को जारी रखना चाहता है। जिसमें अंतर-राज्यीय और अंतर-जिला गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी रहेगा।
बैठक के दौरान मिजोरम के मुख्यमंत्री ने कहा कि जो केंद्र सरकार का फैसला होगा उसे राज्य स्वीकार करेगा। पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने राज्य के कोरोना योद्धाओं के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) और अन्य चिकित्सा उपकरण प्रदान करने के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने तीन मई को लॉकडाउन खत्म होने पर उद्योगों को शुरू करने की इच्छा जाहिर की और कोविड-19 से लड़ने के लिए भारत सरकार से वित्तीय सहायता मांगी।