मोदी सरकार के बजट से मिडिल क्लास वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को काफी उम्मीदें थी। लेकिन बजट से दोनों वर्गों के हाथ खाली रह गए। इसके साथ ही भारतीय मजदूर संघ भी निराश था। संघ के सहयोगी संगठन भारतीय मजदूर संघ ने मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट को निराशाजनक बताया। साथ ही शुक्रवार को देशव्यापी प्रदर्शन का भी ऐलान किया है।
आरएसएस के सहयोगी संगठन भारतीय मजदूर संघ का कहना है कि बजट में मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों की अनदेखी की गई है। न तो इनकम टैक्स स्लैब में कोई राहत दी गई है और न ही मजदूरों के हित में कोई ऐलान किया गया है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान नहीं रखा गया है।
वहीं मोदी सरकार के पक्षधर इस बजट को न्यू इंडिया का बजट बता रहे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री
अरुण जेटली ने संसद में अपने बजट भाषण में किसान, गरीब और युवा और महिलाओं को खुश करने रकी कोशिश की है। अरुण जेटली ने अपने भाषण में कहा कि हम 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।