पाटीदार समाज में हार्दिक के असर को कम करने की कवायद में भाजपा ने दमखम वाले अपने आधा दर्जन से ज्यादा पाटीदार नेताओं को मोर्चे पर उतार दिया है। अब ये नेता पाटीदार बाहुल्य इलाकों में जाकर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने में जुट गए हैं।
इस कवायद में केंद्रीय राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने बीते दो दिनों तक सूरत में रहकर भाजपा के लिए बेहद कठिन माने-जाने वाले पाटीदार बाहुल्य विधानसभा सीटों उल्पाड, कामरेज और बराछा में जनसभाओं को संबोधित किया। उनकी सभाओं में कहीं भी समाज की ओर से विरोध के स्वर नहीं दिखाई दिए। जिसे ध्यान में रखते हुए पार्टी की रणनीति सूरत में रूपाला की और सभाएं आयोजित कराने की है।
रूपाला के अलावा ये भी उतरे मोर्चे पर
रूपाला के अलावा भाजपा ने जिन दमखम वाले पाटीदार नेताओं को मोर्चे पर उतारा है। उसमें पूर्व गृहमंत्री गोवर्धन झड़पीया को जूनागढ़, राघव जी को जामनगर, पूर्व मंत्री मनसुख मंडाविया, उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल, हीरा भाई सोलंकी और शंभूनाथ कुंडिया को मोर्च पर उतारा है। बताया जा रहा है कि शम्भू नाथ कुंडिया की अनुसूचित जाति वाली आरक्षित सीटों पर मांग ज्यादा है। तो हीरा भाई सोलंकी को पार्टी की रणनीति कोली पटेलों के बीच घुमाने की है। सूत्र बताते हैं कि रूपाला को पार्टी ने बनासकांठा, कच्छ, पोरबंदर, अमेरेली और जूनागढ़ के इलाकों में भी भेजने का कार्यक्रम बनाया है।