मजदूरों के बीच कार्य करने वाले संघ के संगठन भारतीय मजदूर संघ ने केंद्र की अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने का निर्णय लिया है। भारतीय मजदूर संघ की अगुवाई में देशभर से करीब 5 लाख से ज्यादा मजदूर अगामी 17 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एकत्रित होकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ संसद तक मार्च करेंगे।
भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय महासचिव बृजेश उपाध्याय का कहना है कि सरकार की नीतियों और पुराने विषयों की मांग को लेकर यह कार्यक्रम तय किया गया है। सरकार अपने वायदों को पूरा करे। वहीं भारतीय मजदूर संघ के वरिष्ठ अधिकारी पवन कुमार ने अमर उजाला को बताया कि मजदूरों की 12 सूत्रीय मांगों में से अधूरी पड़ी मांगों को लेकर बीएमएस ने अगामी 17 नवंबर को रैली का आयोजन रखा है। करीब 5 लाख मजदूर रामलीला मैदान में एकत्रित होकर जंतर-मंतर तक पैदल मार्च करेंगे।
सूत्र बताते हैं कि अपनी ही सरकार के खिलाफ रैली करने के लिए भारतीय मजदूर संघ को संघ के शीर्ष नेतृत्व से भी हरी झंडी मिल गई है। भारतीय मजदूर संघ से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सरकार के खिलाफ रैली के लिए संगठन के प्रभारी एवं संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले से इस मामले में सहमति ली जा चुकी है। होसबोले की सहमति के बाद ही रविवार को आयोजन समिति के प्रमुख अधिकारियों की एक अहम बैठक मजदूर संघ कार्यालय में संपन्न हुई है।