इस साल मोदी सरकार दो से तीन हस्तियों को देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित कर सकती है। साल 2019 में तीन हस्तियों प्रणब मुखर्जी, नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करने के बाद से मोदी सरकार ने भारत रत्न के लिए किसी के नाम की घोषणा नहीं की है। माना जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस से पहले इस सर्वोच्च सम्मान के लिए राष्ट्रपति को सिफारिश भेजेंगे।
सूत्रों के मुताबिक नेताजी सुभाष चंद्र बोस को सर्वोच्च सम्मान देने के लिए उनके परिवार को मनाने की कोशिश हो सकती है। गौरतलब है कि इससे पहले नरसिंह राव सरकार के दौरान नेताजी को उनके परिवार के विरोध के कारण सर्वोच्च सम्मान नहीं दिया जा सका। साल 2014 में भी इस आशय की चर्चा चली थी। हालांकि परिवार के सदस्य नेताजी की मृत्यु से परदा हटाने की मांग करते रहे हैं।
अब तक 48 लोगों को मिल चुका है यह सम्मान
करीब 68 साल पहले शुरू हुए इस सर्वोच्च सम्मान से अब तक 48 हस्तियों को सम्मानित किया जा चुका है। पहली बार साल 1954 में आजाद भारत के पहले गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राज गोपालाचारी, वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकटरमन और सर्वपल्ली राधाकृष्णन को दिया गया था।
नौ साल में पांच हस्तियों को दिया सम्मान
गौरतलब है कि मोदी सरकार के बीते करीब नौ साल के कार्यकाल में अब तक पांच हस्तियों को सर्वोच्च सम्मान दिया जा चुका है। दिवंगत मुखर्जी, हजारिका और देशमुख से पहले मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में साल 2015 में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय को यह सर्वोच्च सम्मान दिया गया था। इसके चार साल बाद बीते लोकसभा चुनाव के कुछ महीने बाद तीन हस्तियों को सर्वोच्च सम्मान देने की घोषणा की गई थी।