कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं कि उसके सांसद और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने भाजपा के नेताओं, प्रवक्ताओं और मंत्रियों के नींद उड़ा दी है। पार्टी के प्रवक्ता रोहन गुप्ता अमर उजाला से कहते हैं कि अब जरा भाजपा नेताओं से कहिए कि वे राहुल गांधी को और जोर से 'पप्पू' कहें। रोहन कहते हैं कि राहुल गांधी ने महात्मा गांधी के रास्ते पर चलकर 150 दिन की 3500 किमी की यात्रा शुरू की है। अभी तो महज 13 दिन हुए हैं और सोशल मीडिया से लेकर जनता के रुझान को देखकर इसकी कामयाबी को समझा जा सकता है। जबकि भाजपा के एक केंद्रीय मंत्री का कहना है कि राहुल गांधी राजनीतिक पर्यटन पर हैं। जब चुनाव आएगा तो जनता कांग्रेस को पहले की तरह नकार देगी।
उमेश पंडित कांग्रेस के नेता हैं। वे कहते हैं कि जो हम पर उंगली उठा रहे हैं, उन्हें मोदी सरकार और राज्य सरकारों की पांच उपलब्धियां गिनानी चाहिए। रोहन गुप्ता के अनुसार राहुल गांधी के पीछे जनता के कनेक्ट होने का सबसे बड़ा कारण लोगों में भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों से बढ़ रही निराशा है। भाजपा की सरकारों ने रोजगार, मंहगाई, रसोई गैस की कीमत जैसे जनता से जुड़े तमाम मामलों में आखिर किया ही क्या है? मंहगाई तो पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। लोगों का जीना हराम हो रहा है। लंबे समय से सरकारी नौकरी पर ग्रहण लगा हुआ है। केंद्र सरकार को बताना चाहिए कि उसने मानव सूचकांक में क्या पांच बड़े काम किए हैं। इसके समानांतर राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान लगातार लोगों से मिल रहे हैं। उनकी परेशानी समझ रहे हैं। उनकी यात्रा में कोई वीआईपी कल्चर नहीं है। कोई भी मिल सकता है। महात्मा गांधी के बाद इतनी लंबी यात्रा शुरू करने वाले वे पहले व्यक्ति हैं। इससे भाजपा और संघ ने उनकी छवि को लेकर जो नकारात्मकता फैलायी थी, वह खत्म हो रही है। इसका लोगों में सकारात्मक संदेश जा रहा है। इतनी लंबी दूरी की यात्रा में संगठन को साथ लेकर चलना, यात्रा का उद्देश्य लोगों के लिए बनाए रखना, मीडिया में सकारात्मक परिणाम दिखाई देना कोई कम बात नहीं है।
तमिलनाडु से कांग्रेस के नेता एसवी रमणी काफी सक्रिय रहते हैं। एसवी रमणी का कहना है कि मुझे भारत जोड़ो यात्रा का कोई बखान नहीं करना है। केवल इतना कहना है कि महात्मा गांधी और राहुल गांधी के सिवाय इतनी बड़ी यात्रा और यात्रा के जरिए जनता से जुड़ाव की पहल किसी नेता ने नहीं की। वह अमर उजाला से बातचीत में कहते हैं कि आप बस भाजपा के नेताओं और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, निर्मला सीतारमण से एक सवाल पूछ लीजिए। ये सब राहुल गांधी की यात्रा शुरू होने पर तमाम सवाल खड़ा कर रहे थे। अब आखिर सब के सब अचानक चुप क्यों हैं? इन्हें कुछ तो बताना चाहिए?
कर्नाटक कांग्रेस में रीढ़ माने जाने वाले सूत्र का कहना है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश मीडिया में बयान दे रहे हैं। इसलिए वह कुछ नहीं कहना चाहते। लेकिन अब भाजपा की तरकीब काम नहीं आएगी। रोहन गुप्ता का कहना है कि कांग्रेस के नेता इतने मुगालते में भी नहीं रहना चाहते। रोहन के मुताबिक भाजपा के नेता राहुल गांधी की छवि को खराब करने की कोशिशें जारी रखेंगे। वह कहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के पहले चरण में संघ और भाजपा ने कांग्रेस नेता की छवि को खराब करने का प्रयास किया था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी को तोड़ने, राज्य सरकारों को गिराने में पूरा जोर लगा लिया। कांग्रेस के नेताओं को भाजपा ज्वाइन कराने का अभियान अभी चल रहा है। बी-टीम, सी-टीम का नाटक खूब चला। इसके बाद केंद्र सरकार के नेताओं के इशारे पर सीबीआई, ईडी और अन्य एजेंसियों को कांग्रेस तथा विपक्षी दलों के नेताओं को लगा दिया गया है। अब देखना है कि आगे सत्ता पक्ष कौन सा रुख अपनाता है। रोहन कहते हैं कि भाजपा का संतुष्टि काल आ गया है। जनता को भी इनकी भाषा समझ में आ गई है। जनता को रोजगार चाहिए। मंहगाई से राहत चाहिए। केंद्र सरकार के पास जनता की समस्याओं का कोई समाधान नहीं है। भाजपा की सरकारें और उसके नेता केवल हिन्दू-मुसलमान, मंदिर मस्जिद में लगे हैं। देश इससे तो आगे नहीं बढ़ पाएगा।