महाराष्ट्र में वेदांता-फॉक्सकॉन डील को लेकर सियासी घमासान थमने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। भाजपा नेता आरोप लगा रहे हैं कि महाविकास अघाड़ी सरकार की वजह से यह प्रोजेक्ट गुजरात चला गया। विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार ने अब इसका जवाब दिया है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार के सभी दावों को पूरी तरह झूठ करार दिया है।
मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता, अजीत पवार ने कहा कि हम पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वेदांत-फॉक्सकॉन कंपनी इसलिए गुजरात गई क्योंकि एमवीए सरकार में कुछ लोगों द्वारा पैसे मांगे जा रहे थे। अगर ऐसा है तो मैं सरकार को चुनौती देता हूं कि इन आरोपों की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा केंद्र, राज्य में सत्ता में हैं और उनके साथ अन्य एजेंसियां भी हैं। उन्हें जांच करने दें, तब चीजें स्पष्ट होंगी।
लोग फैला रहे अफवाह
उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि सीएम से वेदांत-फॉक्सकॉन परियोजना को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास करने का आग्रह किया। आगे अजीत पवार ने कहा कि कुछ लोग अफवाहें फैला रहे हैं कि वेदांत ने एकनाथ शिंदे सरकार के सत्ता में आने से पहले गुजरात में अपना संयंत्र स्थापित करने का निर्णय लिया था, जो पूरी तरह से झूठ है।
अजीत पवार ने कहा कि वेदांत-फॉक्सकॉन परियोजना पर राज्य के मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक उच्चाधिकार समिति की बैठक 15 जुलाई को हुई थी, जबकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार जून में गिर गई थी।
क्या है विवाद?
वेदांता -फॉक्सकॉन डील के गुजरात में स्थापित होने की घोषणा के बाद से शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने एकनाथ शिंदे-फडणवीस सरकार पर लगातार हमला बोल रहे हैं। यूनिट को पुणे के पास स्थापित होना था लेकिन वेदांता-फॉक्सकॉन ने 13 सितंबर को गुजरात सरकार के साथ एक आश्चर्यजनक कदम में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए - जिससे एक बड़ा राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।