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Bharat Jodo Yatra: अब तक यात्रा से कुछ खास हासिल नहीं कर सके राहुल गांधी, चार बिंदुओं में समझें सबकुछ

Wed, 28 Dec 2022 05:10 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सात सितंबर को कन्याकुमारी से हुई इस यात्रा के जरिए राहुल गांधी अब तक नौ राज्यों के 46 शहरों को कवर कर चुके हैं। करीब 28 सौ किलोमीटर से ज्यादा पैदल चल चुके हैं। इस यात्रा में कई बड़ी हस्तियां शामिल हो चुकी हैं। फिल्म से लेकर खेल और राजनीति तक के दिग्गज लोग राहुल गांधी के साथ यात्रा कर चुके हैं। 
 
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भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा अभी दिल्ली में है। दिल्ली में नौ दिन के ब्रेक के बाद तीन जनवरी से यात्रा फिर से शुरू होगी। इसके बाद यूपी, हरियाणा, पंजाब होते हुए यात्रा जम्मू कश्मीर में प्रवेश करेगी। यहीं पर यात्रा का समापन होगा। 
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सात सितंबर को कन्याकुमारी से हुई इस यात्रा के जरिए राहुल गांधी अब तक नौ राज्यों के 46 शहरों को कवर कर चुके हैं। करीब 28 सौ किलोमीटर से ज्यादा पैदल चल चुके हैं। इस यात्रा में कई बड़ी हस्तियां शामिल हो चुकी हैं। फिल्म से लेकर खेल और राजनीति तक के दिग्गज लोग राहुल गांधी के साथ यात्रा कर चुके हैं। 

ऐसे में सवाल ये है कि आखिर इस यात्रा के जरिए अब तक कांग्रेस और राहुल गांधी को क्या हासिल हुआ? इस यात्रा का कितना असर हुआ? इसे समझने के लिए हमने वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद कुमार सिंह से बात की। उन्होंने चार बिंदुओं में इसे समझाया। 
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1. राहुल की छवि में सुधार, लेकिन पार्टी को कोई खास फायदा नहीं हुआ: भारत जोड़ो यात्रा का बड़ा मकसद राहुल गांधी की छवि को बेहतर करना माना जा रहा है। कांग्रेस ने इसमें काफी हद तक सफलता मिली। लेकिन फिलहाल इसका कोई खास फायदा पार्टी को नहीं मिला है। अगर विधानसभा चुनावों, उपचुनावों और नगर निकाय चुनावों की बात करें तो कांग्रेस को हर स्तर पर भारी नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस को केवल हिमाचल प्रदेश में जीत मिली, वह भी स्थानीय नेताओं की मेहनत का नतीजा रहा।
 

2. मराठियों को नाराज किया, गुजरातियों का भी दिल तोड़ा: राहुल गांधी ने इस यात्रा के दौरान कई अजीबोगरीब बयान भी दिए। महाराष्ट्र में रहते हुए राहुल गांधी ने गुजरातियों और मराठियों दोनों को ही नाराज कर दिया। राहुल की यात्रा जब महाराष्ट्र पहुंची तो उन्होंने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कह दिया कि महाराष्ट्र की सारी नौकरियां गुजरातियों को दे दी जाती हैं।   

यहां गुजरियों को नाराज करने के बाद राहुल ने वीर सावरकर को लेकर भी विवादित टिप्पणी कर दी। राहुल ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, 'जहां भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों का डटकर मुकाबला किया, उनके सामने एकदम झुके नहीं। वहीं, दूसरी ओर सावरकर ने अंग्रेजों के सामने घुटने टेक दिए।' वीर सावरकर को लेकर दी गई इस टिप्पणी पर विवाद इतना बढ़ गया कि कांग्रेस की सहयोगी पार्टी शिवसेना उद्धव गुट के नेताओं को सफाई देनी पड़ी। उद्धव गुट ने राहुल के इस बयान से पल्ला झाड़ लिया। वीर सावरकर को लेकर महाराष्ट्र के लोगों में अलग भावना है। इसके बावजूद राहुल ने ये टिप्पणी करके मराठियों को नाराज कर दिया। 
 

3. गुजरात, दिल्ली में बुरी हार, हिमाचल की जीत में कोई भूमिका नहीं: भारत जोड़ो यात्रा शुरू होने के बाद दिल्ली नगर निगम, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए। भले ही राहुल गांधी ने इन राज्यों में यात्रा नहीं की थी, लेकिन चूंकि वह राष्ट्रीय नेता हैं इसलिए उनकी यात्रा का कुछ न कुछ असर यहां भी दिखना चाहिए था। लेकिन हुआ इसके ठीक उल्टा। नतीजे बताते हैं कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का असर चुनावी राज्यों में कहीं भी नहीं हुआ। गुजरात और दिल्ली में कांग्रेस को बुरी हार मिली। हिमाचल प्रदेश में भले ही कांग्रेस की सरकार बन गई, लेकिन यहां भी राहुल की यात्रा का कोई असर नहीं दिखा। हिमाचल की जीत भी स्थानीय नेताओं की मेहनत का नतीजा बताया गया। 
 

4. उपचुनावों में भी पूरी तरह से फेल हुई कांग्रेस: भारत जोड़ो यात्रा शुरू होने के बाद कर्नाटक और असम में नगर निकाय चुनाव भी हुए। इसके अलावा 12 विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव भी हुए। यहां भी कांग्रेस बुरी तरह से पराजित दिखी। 12 में से केवल दो सीटों पर ही कांग्रेस को जीत मिली। वह भी उन राज्यों में जहां, अभी कांग्रेस की सरकार है। मतलब राजस्थान और छत्तीसगढ़ में। 
 

यात्रा आगे बढ़ने के साथ विवाद भी जुड़ते गए

1. आरएसएस की हाफ पैंट की विवादास्पद तस्वीर 
12 सितंबर को कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से आरएसएस की खाकी हाफ पैंट में आग लगाने की फोटो पोस्ट की गई। पार्टी ने फोटो के कैप्शन में लिखा- 145 दिन और। इस ट्वीट के सामने आने के बाद भाजपा ने जबरदस्त नाराजगी जाहिर की थी। पार्टी ने कहा था कि यह तस्वीर संघ के खिलाफ हिंसा का प्रचार करने वाली है। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने भारत जोड़ो यात्रा को भारत तोड़ो यात्रा और आग लगाओ यात्रा तक करार दिया था। 
 

2. कंटेनर पर हंगामा
भारत जोड़ो यात्रा के आगे बढ़ने के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के रुकने के इंतजामों पर भी विवाद हुआ। पहले ऐसी रिपोर्ट्स आई थीं कि कांग्रेस के नेता भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कंटेनर में सोएंगे। हालांकि, इन कंटेनरों के कैंप के जो वीडियो सामने आए उनमें इनकी सुविधाओं को भी दिखाया गया। कंटेनरों की फोटोज-वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस की इस यात्रा को आराम यात्रा करार दिया। 
 

3. राहुल के साथ बैठक में कैथोलिक पादरी के विवादित बयान
राहुल गांधी की इस यात्रा में एक और विवाद उनकी कैथोलिक पादरी जॉर्ज पोन्नैया के साथ बैठक के दौरान जुड़ा। पोन्नैया को पिछले साल जुलाई में ही तमिलनाडु के मदुरै से गिरफ्तार किया गया था। उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषण देने का आरोपी बताया गया था। भाजपा ने इस घटना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी को भी घेरा। भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि अगर विवादास्पद पादरी, जो कि बहुसंख्यकों के लिए गलत बयानबाजी के लिए जाना जाता है, से मिलना राहुल गांधी का भारत जोड़ो का विचार है, तो यह यात्रा नहीं ढोंग है। हालांकि, कांग्रेस ने भाजपा के इन आरोपों को बकवास करार दिया था। 
 

4. राहुल की ब्रांडेड टी-शर्ट पर विवाद
भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पैदल यात्रा के दौरान बरबेरी ब्रांड की टी-शर्ट पहनकर घूम रहे हैं, जिसकी कीमत 41 हजार रुपये है। भाजपा की तरफ से टीशर्ट का मुद्दा उठाने के बाद राहुल की घड़ी और उनके जूतों को लेकर भी विवाद उठा। यहां तक कि खुद गृह मंत्री अमित शाह तक ने राजस्थान में एक रैली के दौरान कहा कि राहुल बाबा विदेशी टी-शर्ट पहनकर भारत जोड़ने निकले हैं। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 लाख के सूट की याद दिलाई थी।  
 
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5. सब्जीवालों से चंदे की वसूली पर
भारत जोड़ो यात्रा के साथ केरल के कोल्लम में विवाद तब जुड़ा, जब पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं पर रास्ते में खड़े सब्जीवालों से जबरन चंदा वसूलने का आरोप लगा। यहां दुकानदारों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 2000 रुपये की मांग करते हुए धमकी तक दे डाली। सब्जीवाले का कहना था कि जब उसने 500 रुपये का चंदा दिया, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसकी दुकान में तोड़फोड़ की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ। बाद में केरल कांग्रेस के अध्यक्ष के सुधाकरन ने तीन पार्टी कार्यकर्ताओं की सदस्यता को रद्द कर दिया था। इस पूरे मामले को लेकर भी भाजपा और लेफ्ट पार्टी ने कांग्रेस को जबरदस्त तरह से घेरा।
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