भारत जोड़ो अभियान के तहत नागरिक समाज संगठनों ने सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए एक अभियान शुरू करने की घोषणा की है। अभियान एक महीने तक चलेगा। बता दें, सभी नागरिक समाज संगठन कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा से पहले ही एक साथ आ चुके थे। संगठन का कहना है कि वे भारत की समृद्धता, विविधता पर गर्व करने वाले नागरिकों को पुनर्जीवित करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इसका उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित समाज के लिए काम करना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई घोषणा
महीने भर चलने वाले अभियान की घोषणा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई। कॉन्फ्रेंस में भारत जोड़ो अभियान के संयोजक योगेंद्र यादव, विजय महाजन, राष्ट्रीय सचिव कविता कुरुगंती और राष्ट्रीय समूह की सदस्य कामायनी स्वामी शामिल हुए थे। भारत जोड़ो अभियान के पदाधिकारियों ने एक संयुक्त बयान जारी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश संगठित सांप्रदायिकता के उन्माद को देख रहा है। इसका मर्यादा, आस्था और धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। 2024 चुनाव से पहले धार्मिक आधार पर मतदाताओं का ध्रुवीकरण करना गलत है।
लोगों से एकजुट होने की अपील
संयुक्त बयान में पदाधिकारियों ने समान विचारधारा वाले नागरिकों से अपील की है कि अभियान के साथ जुड़ने के लिए 7877722353 पर मिस्ड कॉल करें। उन्होंने कहा कि हम एक स्वस्थ्य समावेशी, सत्य की खोज करने वाले मिशन में नागरिकों को सह यात्री बनने के लिए आमंत्रित करते हैं। हम नागरिकों से एकता के लिए महत्वपूर्ण मिशन में शामिल होने का आह्वान करते हैं। अभियान का उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक न्याय के मुद्दों को उजागर करना हैं। इसी के साथ सभी नागरिकों की समानता और भाईचारे के लिए प्रयास करना है।
अभियान में होंगे यह कार्यक्रम
अभियान तीन जनवरी से 30 जनवरी तक चलेगा। अभिया के तहत कई ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यक्रम होंगे। इसमें महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद, सावित्रीबाई फुले, बाबासाहेब अंबेडकर, खान अब्दुल गफ्फार खान जैसे भारत के प्रतिष्ठित नायकों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएंगे। इसी के साथ-साथ हम सौहार्द के लिए लोहड़ी और संक्रांति जैसे त्योहारों को भी मानएंगे। बता दें, भारत जोड़ो अभियान एक नागरिक समाज मंच है, जो भारत के 15 राज्यों और कई संगठनों तक फैला हुआ है।