भारत बायोटेक का कहना है कि कोवैक्सिन बूस्टर डोज के उसके परीक्षण ने बिना किसी गंभीर प्रतिकूल घटना के लंबी अवधि के लिए सुरक्षा दिखाई है। कोवैक्सिन निर्माता कंपनी ने कहा कि डोज लेने वाले प्राप्तकर्ताओं में से 90 फीसदी में कोरोना के खिलाफ (दूसरी खुराक के 6 महीने बाद) मजबूत एंटीबॉडी प्रतिक्रिया देखी गई।
15 से 18 साल के किशोरों का टीकाकरण
भारत बायोटेक की कोवैक्सिन से ही 15 से 18 साल के किशोरों का टीकाकरण किया जा रहा है। हाल ही में भारत बायोटेक ने कहा था कि दूसरे और तीसरे चरण के अध्ययन में उसकी कोवैक्सिन दो से 18 वर्ष आयुवर्ग में सुरक्षित, अच्छी तरह सहन करने योग्य और इम्युनिटी बढ़ाने वाली पाई गई है। भारत बायोटेक के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्णा इल्ला की मानें तो बच्चों और किशोरों पर कोवैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के डाटा बेहद उत्साहजनक हैं।
अब तक 150.61 करोड़ खुराकें दी गईं
वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शनिवार को बताया कि किशोरों के लिए टीकाकरण की शुरुआत के एक हफ्ते के भीतर ही 15 से 18 उम्र के दो करोड़ से अधिक बच्चों को वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है। इसी के साथ देश में टीकाकरण का आंकड़ा 150.61 करोड़ (1,50,61,92,903) को पार कर गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि देश में 91 फीसदी से अधिक वयस्क आबादी को टीके की कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है। 66 फीसदी से ज्यादा लोगों को दोनों खुराक दी जा चुकी है।