भारतीय मजदूर संघ के दिल्ली प्रदेश के महामंत्री डॉ. दीपेंद्र चाहर ने अमर उजाला से कहा कि आज के भारत बंद का आह्वान एक विचारधारा विशेष के कर्मचारियों-संगठनों के द्वारा बुलाई गई है, यही कारण है कि वे इस बंद में शामिल नहीं हैं। उनका कहना है कि आज का भारत बंद राजनीति से प्रेरित है और इसका श्रमिकों के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। यही कारण है कि वह इस बंद में शामिल नहीं है।
बेहतर मजदूरी और काम करने की बेहतर परिस्थितियों की मांग को लेकर पूरे देश में दस बड़े श्रमिक संगठन एक दिवसीय हड़ताल पर हैं। वे पूरे देश में चक्का-जाम, धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से अपनी मांगों को मनवाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अनुषांगिक संगठन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) इस बंद में शामिल नहीं है। उसका कहना है कि आज का भारत बंद राजनीति से प्रेरित है और इसका श्रमिकों के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। यही कारण है कि वह इस बंद में शामिल नहीं है।
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भारतीय मजदूर संघ के दिल्ली प्रदेश के महामंत्री डॉ. दीपेंद्र चाहर ने अमर उजाला से कहा कि आज के भारत बंद का आह्वान एक विचारधारा विशेष के कर्मचारियों-संगठनों के द्वारा बुलाई गई है, यही कारण है कि वे इस बंद में शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले दस वर्षों में श्रमिकों का जीवन स्तर सुधारने के लिए कई अच्छे प्रयास किए हैं, और वे उनका स्वागत करते हैं।
सुरक्षा और वेतन पर सरकार ने बेहतर कदम उठाए- दीपेंद्र चाहर
दीपेंद्र चाहर ने कहा कि आज देश के सबसे गरीब तबके के श्रमिक भी आयुष्मान योजना जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। इसमें गिग वर्कर भी शामिल हैं। इसके पहले श्रमिकों के किसी परिवार को कोई बीमारी होने पर उनके पास इलाज का कोई साधन नहीं था। ऐसे में सरकार के इन प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा और वेतन को लेकर सरकार ने बेहतर कदम उठाए हैं और इस कारण वे इसका समर्थन करते हैं।
इन मुद्दों पर सरकार से बेहतरी की उम्मीद- दीपेंद्र चाहर
हालांकि, बीएमएस सरकार के हर कदम से सहमत नहीं है। अभी भी श्रमिक लोगों को जिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है, वहां उपयुक्त सुरक्षा उपाय अपनाने को लेकर उद्योगपतियों को मजबूर नहीं किया गया है। यही कारण है कि काम करते हुए कई बार श्रमिकों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ जाता है तो कई बार वे हमेशा के लिए दिव्यांग हो जाते हैं और उनका परिवार जबरदस्त गरीबी और भुखमरी का शिकार हो जाता है। बीएमएस ने कहा है कि सरकार को इन परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहिए।