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भंडारा दुष्कर्म: फडणवीस बोले- बेहद शर्मनाक घटना, पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों को बनाया जाएगा संवेदनशील

Tue, 23 Aug 2022 06:59 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

घटना 30 जून की है जब महिला भंडारा जिले के गोरेगांव तहसील के कमरगांव स्थित अपने भाई के घर जा रही थी। उसके साथ एक ड्राइवर ने दोस्ती की और फिर दुष्कर्म कर उसे वहीं छोड़ गया।
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देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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विस्तार
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महाराष्ट्र के भंडारा जिले में एक 35 वर्षीय महिला से दुष्कर्म को बेहद शर्मनाक बताते हुए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों को महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों को संभालने के लिए फिर से संवेदनशील बनाया जाएगा। विधान परिषद में बहस का जवाब देते हुए फडणवीस, ने कहा कि घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसओपी मौजूद हैं लेकिन उनका पालन नहीं किया जाता है। पुलिस थाने और अस्पताल में उसका पालन करना पड़ता है। मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों को फिर से संवेदनशील बनाया जाएगा।

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घटना 30 जून की
घटना 30 जून की है जब महिला भंडारा जिले के गोरेगांव तहसील के कमरगांव स्थित अपने भाई के घर जा रही थी। उसके साथ एक ड्राइवर ने दोस्ती की और फिर दुष्कर्म कर उसे वहीं छोड़ गया। बाद में पीड़िता को लखनी पुलिस थाने ले जाया गया और अगली सुबह उसे जाने दिया गया। अगले दिन कन्हलमोह में दो अन्य लोगों अमित साल्वे और एजाज अंसारी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। 2 अगस्त को कुछ राहगीरों ने उसे बेहोश पड़ा पाया और कर्धा पुलिस को सूचित किया, जिसने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। डिप्टी-सीएम फडणवीस ने कहा कि महिला मनोविकृति से पीड़ित है और उसका इलाज चल रहा है। वह बहुत सी बातें नहीं बता पा रही है। 

उन्होंने कहा कि पहले आरोपी को गिरफ्तार किया जाना बाकी है। महिला ने खुलासा किया कि टेम्पो चालक श्रीराम मुर्कुटे ने उसके साथ दुष्कर्म किया। फडणवीस ने कहा कि पुलिस ने उस नाम के लोगों और वाहन की भी जांच कर आरोपी का पता लगाने की कोशिश की। उन्हें इसी नाम का यवतमाल का एक 18 वर्षीय व्यक्ति मिला, लेकिन उसका विवरण मेल नहीं खाता, जबकि इसी नाम का एक अन्य व्यक्ति बालाघाट जेल में बंद था। फडणवीस ने कहा कि ऐसा लगता है कि टेम्पो चालक स्थानीय है और महिला ने कहा कि चूंकि उसने उसके साथ अच्छा व्यवहार किया, इसलिए वह कोई मामला दर्ज नहीं करना चाहती थी।

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अगर आरोपियों को सम्मानित किया गया, तो यह सही नहीं: फडणवीस

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि गुजरात के 2002 के बिलकिस बानो मामले के दोषियों को सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद रिहा किया गया, लेकिन किसी अपराध के आरोपियों को सम्मानित किया जाना गलत है और इस तरह के कृत्य को सही नहीं ठहराया जा सकता। भंडारा जिले में तीन लोगों द्वारा 35 साल की एक महिला के कथित यौन उत्पीड़न की घटना पर राज्य विधान परिषद में हुई चर्चा का जवाब देते हुए फडणवीस ने कहा कि सदन में बिलकिस बानो के मुद्दे को नहीं उठाया जाना चाहिए।

राज्य के गृह मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे फडणवीस ने कहा कि आरोपियों को करीब 20 साल बाद जेल में 14 साल बिताने के बाद रिहा किया गया है। उच्चतम न्यायालय के एक आदेश के बाद रिहाई की गई। लेकिन यदि किसी आरोपी को सम्मानित किया जाता है और उसका स्वागत किया जाता है तो यह गलत है। आरोपी तो आरोपी होता है और इस कृत्य को जायज नहीं ठहराया जा सकता। 

बिलकिस बानो सामूहिक बलात्कार और उसके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे 11 दोषियों को 15 अगस्त को रिहा किया गया था। गुजरात में भाजपा सरकार द्वारा माफी नीति के तहत उनकी समय पूर्व रिहाई की अनुमति दिए जाने के बाद गोधरा की जेल से निकले दोषियों का पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया था।
 
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