संसद की विडियोग्राफी पर विवादों में घिरे आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान की मुसीबत बढ़ गई है। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने मान के कृत्य को संसद की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए मामले की जांच के लिए भाजपा सांसद किरीट सोमैया की अगुवाई में 9 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।
यह समिति 3 अगस्त को रिपोर्ट पेश करेगी। इस बीच स्पीकर ने मान को 3 अगस्त तक लोकसभा की कार्यवाही से दूर रहने की सलाह देते हुए उन्हें मंगलवार को 10.30 बजे तक समिति के समक्ष स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है। इस बीच, मान ने समिति से अपना जवाब देने के लिए तीन दिन का समय मांगा है जबकि उन्हें मंगलवार तक का ही समय दिया गया था।
गौरतलब है कि मान ने बीते बृहस्पतिवार को न सिर्फ संसद के अंदर की वीडियोग्राफी की बल्कि इसे अपने फेसबुक पेज पर भी पोस्ट कर दिया। इसके बाद शुक्रवार को सभी दलों ने एक सुर से मान की सदस्यता खत्म करने की मांग की थी।
सोमवार को संसद की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ने जांच समिति गठित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है। संसद पर हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा प्रणाली की नए सिरे से समीक्षा की गई थी।
मान के कृत्य से संसद की सुरक्षा खतरे में है। महाजन ने मान के आचरण की जांच के लिए समिति बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि समिति की अध्यक्षता भाजपा सांसद किरीट सोमैया करेंगे। जांच समिति में शिवसेना के आनंद अडसूल, भाजपा की मीनाक्षी लेखी और सत्यपाल सिंह, बीजेडी के भर्तृहरि महताब, टीएमसी की रत्ना डे, टी नरसिंघम, कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल और अन्नाद्रमुक के पी वेणुगोपाल को शामिल किया गया है। यह समिति सबसे पहले मान से जवाब तलब करेगी। इसके बाद भावी कार्रवाई का निर्णय लेगी।